सरायकेला: पश्चिम बंगाल के लोधासुली रेंज में करंट लगने से हाथी की मौत, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

Saraikela : झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के लोधासुली वन रेंज अंतर्गत सालबोनी विकास भारती के पास एक वयस्क नर हाथी की...

Saraikela :  झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के लोधासुली वन रेंज अंतर्गत सालबोनी विकास भारती के पास एक वयस्क नर हाथी की करंट लगने से मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश है. वन विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

खेत में लगा था अवैध करंट तार:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की दिन देर रात हाथियों का एक झुंड सालबोनी इलाके में भटकते हुए पहुंचा था. इसी दौरान विकास भारती संस्थान के पास एक खेत में फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए अवैध बिजली के तार की चपेट में आने से एक हाथी की मौके पर ही मौत हो गई. सुबह ग्रामीणों ने हाथी का शव देखा तो वन विभाग को सूचना दी.

विभाग ने शुरू की जांच:

सूचना मिलते ही लोधासुली रेंज के वनकर्मी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया, वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण करंट लगना प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी, विभाग ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

लगातार हो रही हैं घटनाएं, उठे सवाल:

स्थानीय लोगों का आरोप है कि झारखंड-बंगाल सीमा से सटे दलमा-लोधासुली कॉरिडोर में हाथियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. खेतों में अवैध रूप से बिजली का करंट लगाना और विभाग द्वारा गश्त में लापरवाही बरतना इसके प्रमुख कारण हैं. ग्रामीणों ने कहा कि हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जिसका खामियाजा वन्यजीवों को भुगतना पड़ रहा है. वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और हाथियों के विचरण क्षेत्र में बिजली लाइनों की नियमित जांच हो, साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए. गौरतलब है कि दलमा वन्यजीव अभयारण्य से सटे होने के कारण इस क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट सालभर बना रहता है, बीते एक साल में करंट से यह तीसरे हाथी की मौत है.

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