Saraikela: चांडिल प्रखंड कार्यालय में एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता की अध्यक्षता में गिद्दीबेड़ा से चांडिल गोलचक्कर तक सड़क निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में तालेश्वर रविदास बीडीओ चांडिल, जनप्रतिनिधि, ठेकेदार, जेई सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

सड़क की स्थिति पर जताई चिंता
बैठक में बताया गया कि कटिया ब्लॉक रोड जो आगे जाकर टोल प्लाजा से कनेक्ट होती है, उसकी स्थिति काफी दयनीय हो गई है. लगातार बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस सड़क का रिटेंडर होना है. इसकी संचिका विभागीय स्तर पर भेजी जा चुकी है. उपायुक्त के प्रयासों से प्रक्रिया तेज की जा रही है, लेकिन फाइनल टेंडर आने तक सड़क ऐसे ही पड़ी रहने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. फिलहाल मोटरेबल बनाने का निर्णय बैठक में निर्णय लिया गया कि टेंडर फाइनल होने तक संबंधित एजेंसी से सड़क को तत्काल मोटरेबल कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिले और कोई हादसा न हो. टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही नियमानुसार सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा.

भारी वाहनों पर रोक की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक सड़क पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए. लोगों ने बैरिकेडिंग कर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजने का भी सुझाव दिया. एसडीएम ने कहा कि इस संबंध में जिला उपायुक्त महोदय से चर्चा कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा. लेकिन शिलान्यास के 11 महीने बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. लगातार बारिश और भारी वाहनों के आवागमन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. जगह-जगह गड्ढे और उड़ती धूल से गिद्दीबेड़ा, काँद्रा और आसपास के गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.
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“यह राजनीतिक और प्रशासनिक खेल है”
सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले 2 सालों से आंदोलन से जुड़े कृष्ण चंद्र महतो ने आरोप लगाया कि इस सड़क की दुर्दशा के पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक लापरवाही है. उन्होंने कहा, “इस सड़क का टेंडर गिद्दीबेड़ा से चांडिल गोलचक्कर तक का है. उद्घाटन गिद्दीबेड़ा में होना चाहिए था, लेकिन आनन-फानन में चैनपुर में कर दिया गया. टेंडर को रिवीजन में डालकर राशि बढ़ाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.”

ग्रामीणों की प्रमुख मांग
पहले बैरिकेडिंग, फिर मरम्मत हो. लगातार हो रही बैठकों और आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक सड़क पर बैरिकेडिंग कर भारी वाहनों पर रोक नहीं लगती, तब तक गड्ढा भरने का काम नहीं होने देंगे. कृष्ण चंद्र महतो ने कहा, “एसडीओ साहब आज भी सिर्फ गड्ढा भरवाने की बात कर रहे हैं और झूठा आश्वासन दे रहे हैं. अगर वास्तव में जनता का भला चाहते हैं तो पहले बैरिकेडिंग हो, बड़े वाहन बंद हों. उसके बाद मरम्मत हो. हम रोज धूल खाकर बीमार हो रहे हैं. हमारे छोटे-छोटे बच्चे परेशान हैं. जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे.” इस संबंध में एसडीएम चांडिल की अध्यक्षता में बैठक कर सड़क को फिलहाल मोटरेबल बनाने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थायी निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है. प्रशासन ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है.
टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग
शिलान्यास: 02.12.2025
सड़क की लंबाई: 6.33 किमी, कि.मी. 6.00 से 12.33
विभाग: पथ निर्माण विभाग, सरायकेला-खरसावां प्रमंडल
आशुतोष महतो आंदोलनकारी एवं सलमा मार्डी और स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के कारण हालात और खराब हो गए हैं. ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण शुरू किया जाए.

