Saraikela : जिले के कुकडू प्रखण्ड क्षेत्र के झारखण्ड आवासीय बालिका विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने DC को आवेदन देकर विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी, सुरक्षा में लापरवाही और पुरुष नाईट गार्ड को हटाने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो धरना दिया जाएगा. अभिभावकों ने अपने आवेदन में कहा है कि सरकार के दिशा-निर्देश के बावजूद विद्यालय में अभिभावकों की मासिक बैठक नहीं होती. भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. इसका असर यहां पढ़ने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है. सबसे बड़ा आरोप विद्यालय में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत नाईट गार्ड नारद महतो पर लगा है. अभिभावकों का कहना है कि गार्ड अक्सर शराब पीकर विद्यालय में घूमते रहते हैं और अभिभावकों से दुर्व्यवहार करते हैं. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले से उन्होंने कहा कि इनके रहते किसी भी दिन अप्रिय घटना हो सकती है.
अभिभावक का कहां हे कि
हमारी बेटियां यहां सुरक्षित नहीं हैं. एक पुरुष गार्ड है जो नशे में रहता है. भोजन, पानी, बिजली की भी समस्या है. हमने उपायुक्त से मांग की है कि तुरंत महिला गार्ड की नियुक्ति हो और सभी समस्याओं की उच्च स्तरीय जांच हो. अभिभावकों ने आवेदन में 13 मई 2026 की घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस दिन पानी की किल्लत के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, फिर भी किसके आदेश पर एक राजनीतिक पार्टी का पानी टैंकर विद्यालय लाकर छात्राओं का वीडियो और फोटो खिंचवाकर वायरल किया गया. इस पूरे प्रकरण की भी जांच की मांग की गई है. क्षेत्र के अभिभावकों ने मांग की है कि विद्यालय में शिक्षिकाओं की नियुक्ति, चारदीवारी ऊंची करना, जर्जर भवनों की मरम्मति और मेनू के अनुसार भोजन की व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे. अब देखना होगा कि उपायुक्त इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं. सरकारी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है.

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