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सरायकेला : हेरेमुली गांव में ट्रस्कर हाथी का उत्पात, घर-फसल को पहुंचाया नुकसान

Saraikela : जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के हेरेमुली गांव में एक ट्रस्कर हाथी के उत्पात से ग्रामीण दहशत...

Rampage of a Tusker Elephant

Saraikela  : जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के हेरेमुली गांव में एक ट्रस्कर हाथी के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं. हाथी ने गांव में घुसकर घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक, बीते कई दिनों से एक अकेला ट्रस्कर हाथी हेरेमुली गांव के आसपास घूम रहा है. गुरुवार देर रात हाथी गांव में घुस आया और उत्पात मचाने लगा. हाथी ने कई किसानों की लौकी, बैंगन, कद्दू समेत अन्य सब्जियों की फसल को पैरों तले रौंद दिया. ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की आवाज और टॉर्च की रोशनी से हाथी को भगाने की कोशिश की. काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर चला गया, लेकिन तब तक फसलों को भारी नुकसान हो चुका था.

हर साल फसल बर्बादी और घरों के नुकसान से किसान परेशान

रात करीब 11 बजे हाथी गांव में घुस आया. हम लोग ट्रैक्टर स्टार्ट कर, ढोल-नगाड़े बजाकर किसी तरह भगाए. लेकिन लौकी-बैंगन की पूरी खेती बर्बाद कर गया. हर साल हाथी हमारी फसल चौपट कर देते हैं. कुकड़ू प्रखंड को हाथी बहुल क्षेत्र माना जाता है. दलमा वन्यजीव अभयारण्य से सटे होने के कारण यहां अक्सर हाथियों के झुंड भोजन-पानी की तलाश में गांवों का रुख कर लेते हैं. रात के अंधेरे में हाथियों के आने से जन-धन की हानि का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने वन विभाग से त्वरित गश्ती बढ़ाने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही सोलर फेंसिंग और रात्रि में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि हाथियों को गांव में घुसने से रोका जा सके. चांडिल वन क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. हर साल फसल बर्बादी और घरों के नुकसान से किसान परेशान हैं. वन विभाग को स्थायी समाधान निकालना होगा, वरना ग्रामीणों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है.

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