Saraikela ईचागढ़ प्रखंड के पंचायत मैसाढ़ा के कालीचामदा गांव की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है. बरसात में चिकनी मिट्टी पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है. इससे 70 परिवार (350-400 लोग) प्रभावित हैं. बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग इस सड़क से आवाजाही करने में परहेज करते हैं. ग्रामीणों ने विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो को स्थिति से अवगत कराया और सड़क के ठीक नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी. ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. विशेषकर बरसात के दिनों में चिकनी मिट्टी के कारण रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.

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चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा
विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने बताया कि ग्रामीण पहले बीडीओ के समक्ष समस्या रखेंगे. सुनवाई न होने पर उपायुक्त कार्यालय जाएंगे. फिर भी काम शुरू नहीं हुआ तो प्रखंड कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन होगा.

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ग्रामीणों में नाराजगी
बरसात में गांव पूरी तरह कट जाता है, रोज़मर्रा के काम कठिन हो जाते हैं.
– तरूलाता हांसदा: बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पढ़ाई छूटती है.
– सीता नापित: बीमार को अस्पताल ले जाना मुश्किल, जान का जोखिम.
– रीता सिंह मुंडा: गर्भवती-बुजुर्गों के लिए रास्ता ख़तरनाक, इलाज में देरी.
ग्रामीणों की मांग : तुरंत सड़क की मरम्मत हो, पक्की सड़क बनाई जाय ताकि लोगों को आवाजाही में परेशानी नहीं हो.
