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मुहर्रम ड्यूटी के बीच तस्करों की साजिश नाकाम, पंचर हुई इनोवा से चार गायें बरामद

Hazaribagh: जिले में शातिर अपराधियों और तस्करों के दुस्साहस का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों...

इनोवा से हो रही थी पशु तस्करी
इनोवा से हो रही थी पशु तस्करी

Hazaribagh: जिले में शातिर अपराधियों और तस्करों के दुस्साहस का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है. जहां एक ओर पूरा जिला पुलिस महकमा मुहर्रम के पवित्र जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी रात मुस्तैदी के साथ सड़कों पर डटा हुआ था, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था की इसी व्यस्तता का फायदा उठाने के लिए तस्करों ने एक खौफनाक साजिश रच डाली. तस्करों को लगा कि पुलिस का पूरा ध्यान मुहर्रम की सुरक्षा पर है, इसलिए उन्होंने आधी रात को तस्करी के लिए एक आलीशान और महंगी इनोवा कार को सड़क पर उतार दिया. लेकिन कहते हैं न कि कानून के हाथ और ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती. बीच राह में किस्मत ने तस्करों को ऐसा दगा दिया कि उनकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई.

रात के सन्नाटे में लग्जरी कार बनी ‘क्रूरता का पिंजरा

यह पूरी वारदात रात करीब 3.00 बजे की है, जब हजारीबाग के दारू थाना क्षेत्र के झुमरा स्थित दीपू चौक के पास अचानक एक तेज रफ्तार सफेद रंग की इनोवा कार का पहिया पंचर हो गया. टायर फटते ही गाड़ी बीच सड़क पर ही डगमगा कर रुक गई. आम तौर पर रईसों की सवारी मानी जाने वाली इस लग्जरी गाड़ी के भीतर तस्करों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए चार गायों को बेहद अमानवीय तरीके से रस्सियों से जकड़कर ठूंस रखा था. टायर पंचर होने के बाद तस्कर बीच सड़क पर ही फंस गए और गाड़ी को आगे ले जाना नामुमकिन हो गया. मुहर्रम की गश्त के कारण पुलिस की गाड़ियां लगातार इलाके में घूम रही थीं और यही बात तस्करों के लिए काल बन गई.

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सायरन सुनते ही गाड़ी छोड़ भागे तस्कर

दीपू चौक पर संदिग्ध हालत में खड़ी इनोवा की खबर जैसे ही दारू थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह को मिली, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने दल-बल के साथ तुरंत मौके की तरफ रुख कर लिया. दूर से पुलिस की गाड़ी की हेडलाइट और सायरन की आवाज सुनते ही तस्करों के होश उड़ गए. उन्हें समझ आ गया कि अब बचना मुश्किल है, इसलिए वे गाड़ी को वहीं लावारिस हालत में छोड़कर अंधेरे और झाड़ियों का लाभ उठाते हुए रफूचक्कर हो गए. मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ इंसानियत का एक बेजोड़ उदाहरण पेश किया. उन्होंने खुद आगे बढ़कर कार के भीतर तड़प रही चारों गायों को रस्सियों से मुक्त कराया और सुरक्षित बाहर निकाला.

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