गिरिडीह: गिरिडीह नगर निगम की टीम ने उपनगरीय क्षेत्र पचम्बा में लगातार बढ़ रही सड़क जाम की समस्या को देखते हुए एक विशेष अभियान चलाया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उन्हें हटाना और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना था.

ठेला-खोमचा हटाए, अतिक्रमण पर सख्ती
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने पचम्बा के मुख्य मार्गों और सड़क किनारे लगे ठेला, खोमचा और अस्थायी दुकानों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई स्थानों पर अतिक्रमण कर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को चिन्हित किया गया. निगम कर्मियों ने ऐसे दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया. कुछ जगहों पर टीम ने कार्रवाई करते हुए ठेला और अस्थायी दुकानों को हटवाया, जिससे सड़क पर आवागमन आंशिक रूप से सुचारू हुआ.
अभियान के दौरान नोकझोंक, लोगों ने रखी अपनी बात
हालांकि, इस दौरान नगर निगम की टीम और स्थानीय लोगों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली. स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि पचम्बा क्षेत्र में फोरलेन सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति ही जाम की मुख्य वजह है. अधूरे निर्माण कार्य के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है.
फोरलेन निर्माण की धीमी रफ्तार बनी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. छोटे दुकानदारों के पास दुकान लगाने के लिए वैकल्पिक स्थान नहीं होने के कारण वे मजबूरी में सड़क किनारे ही अपना व्यवसाय करने को विवश हैं. ऐसे में केवल अतिक्रमण हटाने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
निगम का आश्वासन, समाधान के लिए प्रयास जारी
नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और साथ ही दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि जब तक इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक जाम की समस्या बार-बार उत्पन्न होती रहेगी.
नगर निगम की टीम ने लोगों की बातों को सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. अभियान के दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था में सुधार जरूर देखने को मिला, लेकिन स्थायी समाधान के लिए समन्वित प्रयास की आवश्यकता महसूस की गई.
