Bokaro: सेक्टर आठ स्थित कालीबाड़ी मंगलम विवाह मंडप में बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट एसोसिएशन का राज्यस्तरीय अधिवेशन आयोजित किया गया. कार्यक्रम में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के महासचिव दिनेश झा ललन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.
मंत्री का बयान- बीसी हैं महत्वपूर्ण कड़ी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में बीसी एक अहम कड़ी हैं, जो सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि बीसी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनके प्रयासों से संगठन का पंजीकरण भी संभव हो पाया है.
संघर्ष से ही मिलेंगे अधिकार
मंत्री ने कहा कि अधिकार पाने के लिए संघर्ष जरूरी है और लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीसी को किसी भी तरह की समस्या होने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी और संवैधानिक तरीके से उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
एकजुटता पर जोर
विशिष्ट अतिथि दिनेश झा ललन ने कहा कि एकजुटता ही किसी भी संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत होती है. उन्होंने बीसी से अपनी आवाज बुलंद रखने और संघर्ष जारी रखने की अपील की.
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अन्य अतिथियों की मौजूदगी
इस मौके पर कसमार प्रखंड प्रमुख नियोति दे, संजीव चटर्जी, एसके आदक, एनके महाराज, एसएन दास, मुकेश कुमार सिंह, प्रदीप कुमार झा, फिरदौस आलम, राजेश ओझा, राकेश मिश्रा, परमहंस, विनय कुमार, कुमारी अनुपमा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. वहीं बीसी एसोसिएशन के धर्मेन्दु शेखर मुखर्जी, प्रखर मयूर, त्रिभुवन कुमार दास, अजय कुमार बरनवाल, रंजीत कुमार पांडेय, पप्पू सिन्हा, तपन कुमार सिंह, नारायण कुमार, दिलेश्वर कुमार, सुकुमार मांझी, रविंद्र कुमार, रूपा मुखर्जी और जितेन्दु शेखर सहित राज्यभर से आए प्रतिनिधि शामिल हुए.
बीसी ने रखीं प्रमुख मांगें
अधिवेशन के दौरान बीसी ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं. इनमें न्यूनतम मासिक वेतन लागू करना, कमीशन दर में बढ़ोतरी, समय पर भुगतान, बीमा और सामाजिक सुरक्षा, कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर नेटवर्क और उपकरण सुविधा, नियमित प्रशिक्षण, स्थायी पहचान, तय कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश जैसी मांगें शामिल रहीं.
समस्याओं को भी उठाया गया
बीसी ने कई समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया, जैसे बिना सूचना खाते फ्रीज करना, तकनीकी दिक्कतों का समाधान न होना, कमीशन भुगतान में पारदर्शिता की कमी, एक ही स्थान पर कई बीसी की नियुक्ति, कैश की कमी, सुरक्षा का अभाव और वर्षों से कमीशन दर में वृद्धि न होना.
पारंपरिक तरीके से स्वागत
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पारंपरिक घोड़ा नाच के साथ किया गया. लोक कलाकार बिनोद महतो रसलीन और उनकी टीम ने फूल-माला, चंदन और तिलक के साथ झूमर नृत्य प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का स्वागत किया.
