Ranchi: राजधानी रांची में 25 अप्रैल 2019 के बाद खुले ऐसे निजी स्कूल जिन्होंने अब तक शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) के तहत मान्यता नहीं ली है, उनके खिलाफ जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. विभाग ने इन स्कूलों को 1 जून से 30 अगस्त तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन करने का अंतिम मौका दिया है.

तय समय सीमा के भीतर आवेदन न करने वाले स्कूलों को अवैध मानकर उनके खिलाफ आरटीइ अधिनियम 2009 की धारा-18 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नए और पुराने स्कूलों के लिए अलग-अलग नियम
• 25 अप्रैल 2019 के बाद स्थापित स्कूल: इन स्कूलों के लिए आरटीइ पोर्टल पर 30 अगस्त 2026 तक आवेदन करना पूरी तरह अनिवार्य है. ऐसा न करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और स्कूल बंद भी किया जा सकता है.
• 25 अप्रैल 2019 से पहले के स्थापित स्कूल: झारखंड उच्च न्यायालय में दायर एक सिविल रिव्यू याचिका (झारखंड प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट, हजारीबाग बनाम झारखंड राज्य) पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुराने स्कूलों की मान्यता पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया है. इसलिए पुराने स्कूलों के आवेदनों को फिलहाल स्थगित रखा गया है.
ALSO READ: प्री-मानसून से पहले मलेरिया रोधी दवा छिड़काव कार्य शुरू
विभाग ने साफ किया है कि “झारखंड निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011” के मानकों और शर्तों को पूरा न करने वाले स्कूलों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
