Ranchi: रामगढ़ जिले में स्थित 2.06 मिलियन टन कोयला समेटे सुगिया कोल ब्लॉक आज जेएसएमडीसी की घोर लापरवाही और दक्षता मानकों के उल्लंघन की वजह से आईसीयू में पहुंच चुका है. खदान का मामला सरेंडर तक मामला जा चुका है. वहीं केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने जेएसएमडीसी की 16.05 करोड़ की बैंक गारंटी को जब्त कर ली है. कोयला मंत्रालय ने सुगिया कोल ब्लॉक के संचालन में हुई देरी को लेकर दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं. इन आदेशों में यह स्पष्ट है कि केंद्र अब जेएसएमडीसी लचर कार्यशैली को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है:
पहला झटका: 9.72 करोड़ की जब्ती
जेएसएमडीसी को खदान संचालन के लिए तीन बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना था. इनमें फॉरेस्ट क्लीयरेंस स्टेज-टू, पर्यावरण स्वीकृतिऔर माइनिंग लीज शामिल थे. तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कॉरपोरेशन इन कागजी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर सका. परिणाम स्वरूप, मंत्रालय ने पहले आदेश में 9.72 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त कर ली.
दूसरा झटका: 6.33 करोड़ की कटौती
प्रक्रिया यहीं नहीं रुकी कि जेएसएमडीसी भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कार्य और माइन ओपनिंग की समय सीमा को भी पार कर गया। इस दूसरी विफलता के लिए कोयला मंत्रालय ने 6.33 करोड़ की राशि और काट ली.
खदान ‘सरेंडर करने की साजिश
इस पूरे मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और संदिग्ध मोड़ तब आया, जब यह बात सामने आई कि झारखंड राज्य खनिज विकास निगम के कुछ अधिकारियों ने बोर्ड की अनिवार्य सहमति के बिना ही सुगिया कोल ब्लॉक को केंद्र सरकार को सरेंडर करने का प्रस्ताव भेज दिया.
टाइमलाइन का उल्लंघन: 42 महीने बीत गए, पर जमीन पर सिफर
नियमों के मुताबिक, जब किसी कंपनी या कॉरपोरेशन को कोल ब्लॉक आवंटित किया जाता है, तो उसे 32 से 42 महीनों के भीतर वहां से उत्पादन शुरू करना यानी खदान को ऑपरेशनल करना अनिवार्य होता है. अगर इस निर्धारित समय सीमा में काम शुरू नहीं होता, तो केंद्र सरकार के पास जमानती राशि (बैंक गारंटी) जब्त करने का पूरा अधिकार होता है.
सुगिया कोल ब्लॉक का पूरा गणित
- कुल कोयला भंडार: 2.06 मिलियन टन
- कुल क्षेत्रफल: 99.17 एकड़.
- रैयती (निजी) भूमि: 5.73 एकड़.
- जीएम (गैर-मजरूआ) लैंड: 16.41 एकड़.
- जीएम (जंगल झाड़ी) भूमि: 77.03 एकड़.
