Ranchi: JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 और CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के मामले की जांच के लिए दायर याचिका पर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) में सोमवार को सुनवाई हुई. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार, JPSC और JSSC को नोटिस जारी किया है. सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन द्वारा अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि 19 अप्रैल को आयोजित JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर धांधली हुई है. याचिका में मांग की गई है कि इस परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद कर नए सिरे से निष्पक्ष परीक्षा आयोजित कराई जाए और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, व्यापक तथा समयबद्ध CBI जांच के आदेश दिए जाएं.

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