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निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध दस दिवसीय जागरूकता अभियान का समापन

Bokaro: निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध संचालित दस दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन गुरुवार को जागरूकता रैली...

Bokaro:  निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध संचालित दस दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन गुरुवार को जागरूकता रैली के साथ हुआ. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रैली गरगा पुल स्थित अमृत पार्क से शुरू होकर धर्मशाला मोड़, चास पहुंचकर संपन्न हुई. इस दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया गया.

आप सभी इस अभियान के ब्रांड एंबेसडर हैं : DC

समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि दस दिनों तक चले नशामुक्ति अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही जिले में एक निरंतर और व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत भी हो रही है. उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, एएनएम और बच्चों ने जिस समर्पण के साथ इस अभियान को सफल बनाया, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है. DC ने उपस्थित लोगों से जीवन में कभी भी नशे को स्वीकार नहीं करने का संकल्प लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी-सी जिज्ञासा या गलती से होती है, लेकिन इससे बाहर निकलने में पूरी जिंदगी लग सकती है. युवाओं से अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहने का आह्वान किया गया.

गुरुजी के नशामुक्ति और शिक्षा संदेश को बताया प्रेरणास्रोत

उपायुक्त ने कहा कि हाल ही में पद्म सम्मान से सम्मानित स्वर्गीय शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन नशामुक्ति और शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित किया. उन्होंने समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया. उनकी सोच और कार्य आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं.

नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को प्रभावित करता है : एसपी

पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने कहा कि कई बार गलत संगति या बहकावे में आकर युवा नशे की ओर बढ़ जाते हैं. ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है. यदि कोई व्यक्ति किसी को नशे या अन्य गलत गतिविधियों के लिए प्रेरित करता है तो इसकी जानकारी तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों या प्रशासन को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. इसलिए सभी लोगों को स्वयं नशे से दूर रहकर समाज को जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए.

युवा देश की सबसे बड़ी ताकत, इसे नशे से बचाना जरूरी : डीडीसी

उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि नशा आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है. यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि नशा ऐसी समस्या है जो वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी प्रभावित करती है. उन्होंने कहा कि 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड माना जाता है. यदि यही युवा शक्ति नशे की चपेट में आ जाए तो यह पूरे समाज और राष्ट्र के लिए चिंता का विषय होगा. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की.

नशामुक्ति शपथ और हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई तथा हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया. इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी “नशे को ना, जिंदगी को हां” का प्रभावी संदेश दिया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित रहे.

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