Ranchi: झारखंड में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही एजेंसी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. लगातार मिल रही शिकायतों और सेवा में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए सरकार ने एजेंसी का एकरारनामा रद्द करते हुए उसकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है. हालांकि, नई एजेंसी के चयन तक मौजूदा कंपनी को ही एम्बुलेंस सेवा सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया गया है.

कर्मचारियों ने लगाया मानदेय और श्रम कानून उल्लंघन का आरोप
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे राज्यभर के मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. विभाग को कर्मचारियों की ओर से बार-बार शिकायत मिल रही थी कि उन्हें झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय नहीं दिया जा रहा है और श्रम कानूनों का भी पालन नहीं हो रहा है.
EPF-ESI जैसी सुविधाएं नहीं देने का आरोप
विभाग ने पत्र में यह भी कहा कि एजेंसी द्वारा कर्मचारियों को EPF और ESI जैसी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं. समय पर वेतन भुगतान नहीं होने और अन्य सुविधाओं के अभाव में कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ, जिससे एम्बुलेंस सेवा की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ा.
Letter No-1998(MD) dated-25.05.2026 Ms Sammaan Foundation Termination Letter
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बढ़ी विभाग की सख्ती
सरकार ने यह भी माना कि सेवा में गड़बड़ियों से जुड़ी खबरें लगातार अखबारों और टीवी चैनलों में प्रकाशित होती रहीं. इन मामलों में एजेंसी से कई बार स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन विभाग उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. सबसे गंभीर मामला एम्बुलेंस वाहनों के इंश्योरेंस का पाया गया. विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2026 तक किसी भी वाहन का बीमा नहीं कराया गया था, जबकि अनुबंध और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सभी वाहनों का बीमा अनिवार्य है. इसे अनुबंध की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है.
