न्यूजवेभ डेस्कः
देश के लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामे और तीखी राजनीतिक बहस के बीच पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी मिल गई है. यह नया कानून परीक्षा माफिया पर नकेल कसने के लिए अब तक का सबसे कड़ा प्रावधान माना जा रहा है.
कड़े प्रावधान और फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन
• भारी जुर्माना और कैद: दोषियों को 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा दी जाएगी. संगठित अपराध में शामिल सिंडिकेट्स पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
• समयबद्ध जांच: मामलों की पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए इसे 2 महीने (60 दिन) के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
• विशेष अदालतें: मामलों के त्वरित निपटारे के लिए देश भर में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके.

भारी हंगामे के बीच पास हुआ बिल
सदन में इस बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली. विपक्षी दलों ने हालिया छात्र प्रदर्शनों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. इसके बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए यह कानून मील का पत्थर साबित होगा. इस विधायी कदम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे करोड़ों युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
