Hazaribagh: झील परिसर स्थित एम्फीथिएटर में इन दिनों आमों की मिठास और बागवानी की खुशबू बिखरी हुई है. बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आयोजित तीन दिवसीय आम उत्सव सह बागवानी मेला में देश-विदेश की चर्चित आम प्रजातियों से लेकर आम से बने दर्जनों उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. इस पहल का मकसद किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और बागवानी आधारित आजीविका को नई पहचान देना है. उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देश पर ग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा) एवं जेएसएलपीएस द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन उप विकास आयुक्त रिया सिंह और महापौर अरविंद राणा ने संयुक्त रूप से किया.
पारंपरिक कृषि के मुकाबले बेहतर आय का माध्यम बन सकती है
मेले में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे किसानों, आम उत्पादकों और स्वयं सहायता समूहों ने अपने स्टॉल लगाए हैं. यहां दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले मियांजाकी के साथ-साथ आम्रपाली, अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा, मालदा, स्वर्णरेखा, तोतापरी, हिमसागर और मलिका जैसी लोकप्रिय किस्मों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है. सिर्फ आम ही नहीं, बल्कि आम से तैयार अचार, मुरब्बा, चटनी, जेली, लड्डू और आमचूर जैसे उत्पाद भी लोगों की पसंद बन रहे हैं. मेले में पहुंचे आगंतुक स्वाद के साथ-साथ बागवानी की नई संभावनाओं से भी रूबरू हो रहे हैं. कार्यक्रम में किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बागवानी आधारित खेती पारंपरिक कृषि के मुकाबले बेहतर आय का माध्यम बन सकती है. किसानों ने अन्य ग्रामीणों को भी आम उत्पादन और बागवानी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया.

उत्कृष्ट आम उत्पादक किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया
उपायुक्त हेमन्त सती ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागानों से अब उत्पादन मिलने लगा है. ऐसे में किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने और सीधे बाजार से जोड़ने के लिए इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यह मेला उत्पादकों और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा तथा महिला किसानों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मददगार साबित होगा. मेले के दौरान उत्कृष्ट आम उत्पादक किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया. जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से मेले में पहुंचकर स्थानीय किसानों का उत्साह बढ़ाने और उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की है. रविवार तक चलने वाले इस मेले में हजारीबाग के लोग एक ही स्थान पर विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद चखने के साथ-साथ स्थानीय किसानों के उत्पादों की खरीदारी भी कर सकते हैं. यह आयोजन कृषि को बाजार से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
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