विनीत आभा उपाध्याय
Ranchi: रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान के रूप में हुई है. ये तीनों युवक मूल रूप से झारखंड के लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं.
पुलिस ने जांच में क्या पाया
पुलिस की अब तक की जांच में जो खुलासे हुए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं. पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों आरोपी इंटरनेट के जरिए दुबई में बैठे एक अज्ञात हैंडलर के संपर्क में थे. उसी हैंडलर ने रांची में दहशत फैलाने के इरादे से इन युवकों को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा था.
लड़कों को महज 10000 रुपये दिए गए
इस पूरी साजिश का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि इतनी बड़ी आतंकी जैसी प्लानिंग और वारदात को अंजाम देने के लिए इन तीनों लड़कों को महज 10000 रुपये दिए गए थे और यह रकम भी दुबई से ही भेजी गई थी. आरोपियों से जुड़े एक अन्य व्यक्ति के डिजिटल स्कैनर पर यह पैसे ट्रांसफर किए गए थे. दुबई के हैंडलर ने इन युवकों से वादा किया था कि पेट्रोल बम फेंकने की घटना को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद उन्हें मोटी रकम दी जाएगी. लालच में आकर लड़कों ने हमला तो कर दिया लेकिन वारदात के बाद हैंडलर ने अपने पैर पीछे खींच लिए और उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली. पुलिस अब उस बैंक खाते और स्कैनर की जांच कर रही है जिसके जरिए पैसे मंगाए गए थे साथ ही दुबई के उस हैंडलर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जो झारखंड के युवाओं को बरगला कर राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है.
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