RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय संविधान के गौरवशाली शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा निर्मित संविधान ही शोषितों, वंचितों और आदिवासियों के सम्मान और प्रगति का सबसे बड़ा रक्षा कवच है. उन्होंने प्रदेशवासियों से बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात कर एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया.
मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी, समानता और न्याय का संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि बाबा साहेब ने देश को एक ऐसा मजबूत लोकतांत्रिक आधार दिया है, जिसमें समानता, समता, न्याय और अधिकार की आत्मा बसती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी बाबा साहेब का संघर्ष, अदम्य साहस और शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का एक ऐसा दीप है जो युगों-युगों तक मार्ग प्रशस्त करता रहेगा.
अधिकारों के प्रति जागरूकता और समाज को नई दिशा
सीएम ने कहा कि बाबा साहेब ने न केवल विश्व का सबसे बेहतरीन संविधान बनाया, बल्कि देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सजग बनने की राह भी दिखाई. संविधान की यही ताकत आज शोषित, पिछड़े और आदिवासी समाज के लिए आशा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का सबसे बड़ा सहारा बनी है.
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न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि आइए, हम सब मिलकर बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में उतारें और एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर, गरिमा और न्याय सुनिश्चित हो सके.
