Hazaribagh: JPSC प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर रांची में प्रस्तावित आंदोलन और विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले हजारीबाग में पुलिस-प्रशासन की सख्ती बढ़ गई है. रविवार को रांची जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस की सघन जांच देखने को मिली. हजारीबाग शहर में रांची की ओर जाने वाली यात्री बसों के परिचालन को रोके जाने से यात्रियों में आक्रोश और असमंजस की स्थिति बन गई.
क्षितिज अस्पताल के पास घंटों खड़ी रहीं बसें
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग के क्षितिज अस्पताल के समीप रांची जाने वाली करीब तीन-चार यात्री बसों को रोक दिया गया. बसों में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बसें करीब एक घंटे तक मौके पर खड़ी रहीं. यात्रियों का कहना था कि उन्हें रांची जाने से रोक दिया गया, लेकिन कार्रवाई की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई. मौके पर मौजूद लोगों की ओर से बसों को रोके जाने के पीछे ‘सरकारी आदेश’ का हवाला दिया गया. हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट आधिकारिक आदेश सार्वजनिक किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई. बसों के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ती गई.

छोटी गाड़ियों पर भी पुलिस की नजर
बसों के अलावा रांची की ओर जाने वाले छोटे वाहनों की भी सघन जांच किए जाने की बात सामने आई है. कई युवाओं को रोककर पूछताछ किए जाने की जानकारी मिली है. चौपारण से लेकर चरही और बड़कागांव की ओर जाने वाले मार्गों तक पुलिस की निगरानी बढ़ाए जाने की चर्चा है. आंदोलन में शामिल होने की आशंका के मद्देनजर युवाओं और संदिग्ध रूप से यात्रा कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे जाने की बात कही जा रही है. इससे रांची जाने वाले यात्रियों के बीच प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
आंदोलन से पहले बढ़ाई गई सतर्कता
JPSC प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों की ओर से रांची में आंदोलन की तैयारी की जा रही है. प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है. बताया जा रहा है कि हजारीबाग के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी रांची पहुंचने की तैयारी में हैं. इसी संभावना को देखते हुए रांची जाने वाले प्रमुख मार्गों पर निगरानी और जांच बढ़ाई गई है. बसों, निजी वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की आवाजाही पर पुलिस की नजर बताई जा रही है.

क्या आंदोलनकारियों को रांची पहुंचने से रोकने की तैयारी?
बसों को रोके जाने की कार्रवाई को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रशासन आंदोलन में संभावित भागीदारी को देखते हुए लोगों को रांची पहुंचने से रोक रहा है. हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. यात्रियों का कहना है कि यदि किसी विशेष प्रशासनिक आदेश के तहत बसों को रोका जा रहा है तो इसकी स्पष्ट जानकारी यात्रियों को दी जानी चाहिए. बिना स्पष्ट कारण बताए लंबे समय तक बसों को रोकने से आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं, फिर भी परेशानी
रांची जाने वाली बसों में ऐसे यात्री भी शामिल थे, जिनका JPSC आंदोलन से कोई संबंध नहीं है. किसी को इलाज के लिए रांची जाना था तो किसी को नौकरी, निजी काम या अन्य जरूरी कार्यों से राजधानी पहुंचना था. बसों के रोके जाने से इन यात्रियों की परेशानी बढ़ गई. यात्रियों का सवाल है कि यदि प्रशासन को केवल आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रखनी है तो आम यात्रियों को क्यों रोका जा रहा है. वहीं, प्रशासन की ओर से संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है.

प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार
फिलहाल हजारीबाग में रांची जाने वाले मार्गों पर बढ़ी पुलिस निगरानी और यात्री बसों को रोके जाने को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. कार्रवाई के पीछे जारी किए गए आदेश, बसों को रोकने की अवधि और आगे की रणनीति को लेकर प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार है. इस बीच बस यात्रियों और आम लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं.
