GIRIDIH: जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बजटो गांव में लापरवाही का खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया. चटपटा गुपचुप और छोला बच्चों के लिए जहर साबित हुआ. शनिवार शाम खाया गया यह स्ट्रीट फूड रविवार सुबह तक आफत में बदल गया.
40 बच्चे बीमार, अस्पतालों में अफरा-तफरी
ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 40 बच्चे फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए हैं. इनमें 18 बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि बाकी को अलग-अलग निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है.
एक मासूम की मौत, तीन की हालत गंभीर
इस घटना में एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है. गांव में मातम पसरा है और परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
उल्टी-दस्त के बाद बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि गुपचुप और छोला खाने के कुछ ही घंटों के भीतर बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई. देखते ही देखते पूरे गांव में हड़कंप मच गया और परिजन बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए दौड़ते नजर आए.
प्रशासन हरकत में, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए और खुद गांव पहुंचकर बीमार बच्चों का हाल जाना.
बिना लाइसेंस ठेले पर उठे सवाल
इधर झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना लाइसेंस चल रहे स्ट्रीट फूड के ठेले लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
बड़ा सवाल: जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कब लगाम लगेगी, या फिर किसी और मासूम की जान जाने का इंतजार किया जाएगा?
