रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रदेशभर में आयोजित प्रशिक्षण वर्गों की उपलब्धियों, संगठनात्मक प्रभाव और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई. भाजपा नेताओं ने प्रशिक्षण को संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के वैचारिक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया.
भाजपा का कार्यकर्ता केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सक्रिय सहभागी
राष्ट्रीय प्रशिक्षण टोली की सदस्य एवं राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सक्रिय सहभागी और समाज परिवर्तन का वाहक है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण वर्गों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यसंस्कृति और जनसेवा के मूल्यों से जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए जमीन पर उतर रहा है और इन योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है.

प्रशिक्षण महाअभियान ने संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा देने का काम किया है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि प्रशिक्षण महाअभियान ने संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता होते हैं. इस अभियान ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से अधिक मजबूत और संगठनात्मक रूप से अधिक सक्षम बनाया है, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत होगी. प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल राजनीतिक सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन और विकास के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की नीतियों और विचारों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकते हैं.
बैठक में नेताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 ने संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने का काम किया है. समीक्षा के दौरान आगामी कार्यक्रमों और चुनौतियों को लेकर भी रणनीति बनाई गई, ताकि भाजपा संगठन को और अधिक सक्रिय, जनोन्मुखी तथा मजबूत बनाया जा सके.
AlsoRead:रांची: सेना की कब्जे वाली जमीन मामले में अगली सुनवाई 18 जून को
