Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सीआईडी की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है. अजय साह ने कहा कि यह घोटाला, जो शुरुआती जांच में 3.5 करोड़ रुपये का था, अब 350 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और 14 जिलों में फैल गया है. भाजपा ने वर्तमान सीआईडी प्रमुख मनोज कौशिक की भूमिका पर विशेष आपत्ति जताई है.
भाजपा ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच के लिए मनोज कौशिक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को कमान सौंपी जाए या पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए.
भाजपा की क्या है आपत्तियां
• हितों का टकरावः मनोज कौशिक 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी रह चुके हैं. चूंकि यह पुलिस ट्रेजरी से जुड़ा मामला है, इसलिए तत्कालीन डीडीओ (एसपी) होने के नाते उनकी भूमिका की जांच भी आवश्यक है.
• शक्तियों का केंद्रीकरण: कौशिक के पास वर्तमान में एडीजी सीआईडी के साथ-साथ एडीजी मुख्यालय और रांची आईजी का भी प्रभार है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है.
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