Prerna & Sonu
Ranchi: प्रशासनिक दावों और वार्ताओं के दौर के बीच छात्र अपनी मांगों को लेकर चट्टान की तरह अडिग हैं. उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन थमने वाला नहीं है. जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग पर अड़े छात्रों ने आगामी 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के अपने तय कार्यक्रम पर भी कायम रहने का ऐलान किया है.
स्टेट गेस्ट हाउस में दो घंटे चली मैराथन वार्ता
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने पहल करते हुए आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस आमंत्रित किया था. यहां चार कैबिनेट मंत्रियों सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा के साथ छात्रों की लगभग दो घंटे तक मैराथन वार्ता चली. इस बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के मंत्रियों के समक्ष अपनी सभी मांगें पुरजोर तरीके से रखीं और उन मांगों के पीछे के ठोस आधार व तथ्यों की विस्तृत जानकारी दी. छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए.

मंत्रियों ने माना- ‘छात्रों की मांगें जायज, सीएम हैं संवेदनशील’
विस्तृत चर्चा के बाद कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रतिनिधियों के सामने स्वीकार किया कि छात्रों की मांगें जायज हैं. सरकार इस पूरे मामले पर बेहद सकारात्मक रुख के साथ विचार कर रही है. मंत्रियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री स्वयं छात्रों के इन मुद्दों को लेकर काफी संवेदनशील हैं. मंत्रियों ने यह भी माना कि छात्रों द्वारा उठाए गए ये मुद्दे केवल वर्तमान परीक्षा से जुड़े नहीं हैं, बल्कि ये आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं. सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि छात्रों की इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा.

परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआइ जांच पर अड़े छात्र
सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बावजूद छात्र अपनी मूल मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. छात्र नेताओं का कहना है कि पूर्व की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्षता केवल सीबीआई जांच से ही सामने आ सकती है. इसके साथ ही, प्रभावित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए ताकि योग्य युवाओं के साथ न्याय हो सके. प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्रों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि जब तक ठोस और व्यावहारिक निर्णय जमीन पर नहीं उतरते, आंदोलन जारी रहेगा.पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, छात्र 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे.

