जब यादों ने ली प्रतिमा की शक्ल… चुतरुडीह में गूंजा स्व. कमलाकांत यादव का नाम

Ranchi: पांच परगना की मिट्टी ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने सच्चे सपूत को नमन किया. राहे प्रखंड के चुतरुडीह गांव...

Chutrudih

Ranchi: पांच परगना की मिट्टी ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने सच्चे सपूत को नमन किया. राहे प्रखंड के चुतरुडीह गांव में स्व. कमलाकांत यादव की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर ऐसा भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला, जिसने हर आंख को नम और हर दिल को गर्व से भर दिया. गांव के बीचों-बीच उनकी प्रतिमा का अनावरण हुआ, मानो उनकी यादें पत्थर में ढलकर हमेशा के लिए जीवंत हो उठी हों.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के शब्दों ने माहौल को कर दिया भावुक

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ, जिन्होंने प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा, “कुछ लोग केवल जीवन जीते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो समाज के दिलों में बस जाते हैं, स्व. कमलाकांत यादव उन्हीं में से एक थे.” उनके शब्दों ने माहौल को और भावुक बना दिया.

कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि से हुई, लेकिन यह केवल एक औपचारिकता नहीं थी यह उस इंसान के प्रति सच्चे सम्मान की अभिव्यक्ति थी, जिसने हर जरूरतमंद के आंसू पोंछने को अपना धर्म बना लिया था. जैसे-जैसे लोग प्रतिमा के पास पहुंचे, हर चेहरा एक कहानी कह रहा था, किसी के लिए वे सहारा थे, तो किसी के लिए उम्मीद.

स्व. कमलाकांत यादव नाम नहीं, एक विचार हैं- डॉ. राजाराम महतो

इस अवसर पर डॉ. राजाराम महतो ने कहा, “स्व. कमलाकांत यादव कोई नाम नहीं, एक विचार हैं. एक ऐसी सोच, जो समाज को जोड़ती है और इंसानियत को सबसे ऊपर रखती है.” उनके शब्दों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसे व्यक्तित्व कभी खोते नहीं, बल्कि पीढ़ियों को रास्ता दिखाते हैं.

कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया, कि स्व. यादव का प्रभाव केवल उनके जीवन तक सीमित नहीं था, बल्कि आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही मजबूती से कायम है. अंत में जब लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया, तो यह केवल एक वादा नहीं था, यह उस विरासत को आगे बढ़ाने की शुरुआत थी, जो स्व. कमलाकांत यादव पीछे छोड़ गए हैं. चुतरुडीह की इस धरती पर आज सिर्फ एक प्रतिमा का अनावरण नहीं हुआ, बल्कि एक विचार, एक प्रेरणा और एक अमर कहानी को नया जीवन मिला.

यह भी पढ़ें: रांची : सामुदायिक भवन में तालाबंदी पर बवाल, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *