SHRUTI SINGH
रांची : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर झारखंड की महिलाएं अपने साहस, संघर्ष और उपलब्धियों के लिए खास पहचान बना रही हैं. कभी सीमित संसाधनों के बीच जीवन जीने वाली झारखंड की बेटियां आज शिक्षा, खेल, प्रशासन, सामाजिक नेतृत्व और उद्यमिता जैसे कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. राज्य के ग्रामीण इलाकों से लेकर बड़े शहरों तक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं. झारखंड की महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी मेहनत और आत्मविश्वास है. गांवों में महिलाएं खेती, पशुपालन और जंगल आधारित आजीविका से परिवार की आर्थिक रीढ़ बनी हुई हैं. वहीं हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. सरकार की कई योजनाओं और सामाजिक संगठनों की पहल से महिलाओं को रोजगार और आर्थिक मजबूती का नया रास्ता मिला है.
झारखंड की महिलाओं से जुड़े अहम तथ्य
झारखंड में 3 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHG) सक्रिय हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं जुड़ी हुई हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों में महिलाओं की भागीदारी 60–70% तक मानी जाती है.
सखी मंडल और आजीविका मिशन के जरिए हजारों महिलाएं छोटे व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं.
पिछले कुछ वर्षों में महिला साक्षरता दर में लगातार वृद्धि देखी गई है.
राज्य में कई महिलाएं अब पंचायत और स्थानीय प्रशासन में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं.
महिलाओं ने बढ़ाया झारखंड का मान
दीपिका कुमारी – विश्व प्रसिद्ध तीरंदाज, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया.
निक्की प्रधान – भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी, जिन्होंने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
सुमराय टेटे – भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान और झारखंड की प्रेरणादायक खिलाड़ी.
पूर्णिमा महतो – विश्वस्तरीय तीरंदाजी कोच, जिन्होंने कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया.
मालती देवी और अन्य ग्रामीण महिलाएं – स्वयं सहायता समूहों के जरिए गांवों में आर्थिक बदलाव की मिसाल बन रही हैं.
सशक्तिकरण की नई कहानी
आज झारखंड की महिलाएं सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं. शिक्षा, खेल, राजनीति और व्यापार में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है. महिला दिवस के इस खास मौके पर झारखंड की इन बेटियों की मेहनत, संघर्ष और सफलता को सलाम, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं.
