– सिदरोल में जसकोलैम्पफ का लगेगा आधुनिक प्लांट; ICAR-NISA तकनीक से होगा वैल्यू एडिशन, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
Ranchi: राजधानी रांची के सिदरोल (नामकुम) में लाह आधारित उत्पादों के लिए अत्याधुनिक ‘प्रॉडक्शन हाउस’ स्थापित किया जाएगा. झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव लैक मार्केटिंग एंड प्रोक्योरमेंट फेडरेशन (जसकोलैम्पफ) ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह प्रोजेक्ट खास इसलिए है क्योंकि इसमें लगने वाली मशीनें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के रांची स्थित राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान की डिजाइन और तकनीक पर आधारित होंगी. इससे झारखंड के लाह उद्योग को न सिर्फ तकनीकी मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग का रास्ता भी खुलेगा.
एक छत के नीचे पूरी प्रोसेसिंग चेन
सिदरोल में बनने वाला यह प्लांट लाह के प्राथमिक प्रसंस्करण से लेकर ग्रेडिंग तक की सभी प्रक्रियाओं को एक ही परिसर में समेटेगा. यहां इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग मशीन, सेंट्रीफ्यूज, विनोअर और ग्रेडर जैसे हाईटेक उपकरण लगाए जाएंगे. यह 100 किलो प्रतिदिन क्षमता वाली इंटीग्रेटेड मशीन में क्रशिंग, वाशिंग, ग्रेडिंग सब एक साथ होगा. 1000 आरपीएम स्पीड वाली सेंट्रीफ्यूज मशीन से शुद्धिकरण तेज और बेहतर होगा.
ऑटोमेटेड ग्रेडिंग सिस्टम से गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी तैयार होंगी. अब तक झारखंड का ज्यादातर लाह कच्चे रूप में दूसरे राज्यों में जाता था, जिससे असली मुनाफा बाहर चला जाता था.
इस नए प्रॉडक्शन हाउस से तस्वीर पूरी तरह बदलेगी
– कच्चे माल की बजाय तैयार उत्पाद यहीं बनेंगे
– चूड़ी, वार्निश, सील वैक्स जैसे उत्पादों का स्थानीय निर्माण
– बिचौलियों पर निर्भरता कम, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम
– स्थायी रोजगार के अवसर, युवाओं को मिलेगा काम
क्यों खास है लाह प्रॉडक्शन हाउस
– झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा बूस्ट
– पहली बार बड़े पैमाने पर स्थानीय वैल्यू एडिशन
– ICAR-NISA की वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग
– किसानों की आय बढ़ाने और पलायन रोकने में मदद
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