Chaibasa : संवेदनशीलता, मानवीय सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है. उनकी त्वरित पहल, सतत प्रयास एवं सामाजिक संवेदनशीलता के कारण अपने घर से भटककर चाईबासा पहुंची महिला सुरक्षित अपने परिवार तक लौट सकी. झींकपानी प्रखंड के माटागुटु गांव की लगभग चालीस वर्षीय निवासी जानकी बिरुली मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सोमवार को अपने घर से निकल गई थी. भटकते-भटकते वह चाईबासा पहुंच गई. अपनी पहचान बताने अथवा स्पष्ट रूप से कुछ भी कह पाने में असमर्थ होने के कारण उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई थी.
त्रिशानु राय ने मानवीय पहल कर महिला को सुरक्षित घर पहुंचाया
त्रिशानु राय ने तत्काल मानवीय पहल करते हुए महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की तथा उनकी पहचान कराने के उद्देश्य से विभिन्न मीडिया के माध्यमों से तस्वीर साझा करवाई. इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आया और महिला की तस्वीर उनके परिजनों तक पहुंच गई. पहचान होते ही त्रिशानु राय ने बिना विलंब किए परिजनों से संपर्क स्थापित कर पूरी जानकारी दी तथा उन्हें चाईबासा बुलाया. सदर अस्पताल, चाईबासा में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद जानकी बिरुली को सुरक्षित एवं सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. कई दिनों बाद उसे सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गई. उन्होंने भावुक होकर त्रिशानु राय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर उनका सहयोग नहीं मिलता, तो अपनी परिजन तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो सकता था. इस अवसर पर त्रिशानु राय ने कहा कि किसी असहाय एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को केवल उसके परिजनों तक पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि महिला के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनके अग्रेतर उपचार हेतु आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा का लाभ मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें. इस दौरान महिला के परिजन लाल बिरुली, आरती बिरुली, मुक्ता सुंडी उपस्थित थे.

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