रांची यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों को 7 दिन में वेबसाइट पर RTI की जानकारी डालने का निर्देश

Ranchi: राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने रांची विश्वविद्यालय में सूचना का अधिकार कानून (RTI) की समीक्षा बैठक की. बैठक में...

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रांची यूनिवर्सिटी में RTI की समीक्षा, कॉलेजों को पारदर्शिता बढ़ाने का आदेश

Ranchi:  राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने रांची विश्वविद्यालय में सूचना का अधिकार कानून (RTI) की समीक्षा बैठक की. बैठक में विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी सरकारी व संबद्ध कॉलेजों में RTI व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.

कुलपति ने किया राज्य सूचना आयुक्त का स्वागत

बैठक से पहले रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने डॉ. तनुज खत्री का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है कि यहां का एक पूर्व छात्र आज राज्य सूचना आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं.

RTI हर नागरिक और छात्र का कानूनी अधिकार: सूचना आयुक्त

बैठक में डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून हर नागरिक और छात्र का कानूनी अधिकार है. इसलिए सभी RTI आवेदनों का जवाब तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि छात्रों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

7 दिनों के भीतर वेबसाइट पर बनाना होगा RTI सेक्शन

राज्य सूचना आयुक्त ने रांची विश्वविद्यालय से जुड़े सभी सरकारी और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे 7 दिनों के अंदर अपनी वेबसाइट पर अलग से RTI सेक्शन तैयार करें. इस RTI सेक्शन में लोक सूचना पदाधिकारी (PIO), प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, RTI आवेदन करने की प्रक्रिया, शुल्क और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है.

कॉलेजों में जल्द नियुक्त हों PIO

डॉ. तनुज खत्री ने निर्देश दिया कि जिन कॉलेजों में अभी तक लोक सूचना पदाधिकारी (PIO) की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए.उन्होंने कहा कि प्रत्येक RTI आवेदन का जवाब 30 दिनों के भीतर देना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सूचना प्राप्त करने वालों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े.

छात्रों से जुड़े मामलों की RTI का प्राथमिकता से हो निपटारा

राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि परीक्षा परिणाम, उत्तर पुस्तिका, अंक, डिग्री, माइग्रेशन, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और छात्रों से जुड़े अन्य मामलों की RTI अर्जियों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देरी के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई, छात्रवृत्ति या रोजगार प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

RTI रिकॉर्ड को डिजिटल करने का निर्देश

बैठक में RTI से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल करने और आवेदनों की ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया गया. साथ ही हर तीन महीने में RTI से संबंधित प्रगति रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भेजने को कहा गया.

छात्रों और कर्मचारियों को दी जाएगी RTI की जानकारी

डॉ. तनुज खत्री ने सुझाव दिया कि हर नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों और कर्मचारियों को RTI कानून की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशाला और प्रशिक्षण आयोजित किए जाएं. उन्होंने कहा कि RTI कानून की सही जानकारी होने से संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा.

RTI पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत माध्यम: सूचना आयुक्त

डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि RTI सिर्फ सूचना प्राप्त करने का कानून नहीं है, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है. उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को RTI कानून का पूरी तरह पालन करना चाहिए, ताकि छात्रों और आम लोगों को समय पर सही जानकारी मिल सके.

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