Giridih: गिरिडीह जिला के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को समाहरणालय में जिला स्तरीय निगरानी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक में लंबित एवं निष्पादित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जांच, राहत और पुनर्वास प्रक्रिया समय पर पूरी करने का निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच, अभियोजन, राहत एवं पुनर्वास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का निर्धारित समयसीमा के भीतर पालन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी करने पर विशेष जोर दिया.
बैठक में समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न सुझाव और मुद्दे उठाए, जिन पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि समिति की नियमित समीक्षा से अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और मजबूत होगा तथा समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
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