Dumka : आज से ठीक 13 साल पहले नक्सलियों के कायराना हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पाकुड़ के तत्कालीन एसपी SP अमरजीत बलिहार (IPS) और उनके साथ शहीद हुए पांच अन्य पुलिसकर्मियों को आज पूरा झारखंड याद कर रहा है. इसी दौरान दो जुलाई (गुरुवार) पुलिस केंद्र दुमका में वीर शहीद अमरजीत बलिहार की पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नम आंखों से वीर शहीदों को याद किया और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए.
श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए अधिकारी
शहीद अमरजीत बलिहार की स्मृति में आयोजित इस गरिमामयी सभा में दुमका के एसपी SP पीताम्बर सिंह खेरवार मुख्य रूप से उपस्थित रहे. उनके साथ डीएसपी DSP सदर दिलीप खलखो, डीएसपी DSP (मुख्यालय) संदीप भगत, और परिचारी प्रवर रमेश कुमार मंडल ने भी शहीद को नमन किया. इसके अलावा, नगर एवं मुफस्सिल थाना प्रभारी, पुलिस एसोसिएशन व पुलिस मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारी, तथा पुलिस केंद्र के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान इस श्रद्धांजलि सभा का हिस्सा बने.

उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा पुलिस बल को प्रेरित करेगा
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए दुमका के पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने कहा, वीर शहीद अमरजीत बलिहार जी को आज के दिन ही शहादत मिली थी और वे देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे. उनका यह सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा भारतीय पुलिस सेवा और हमारे पूरे पुलिस बल के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगी. देश और राज्य की सुरक्षा के लिए उनका यह योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता.
क्या था पूरा मामला
13 साल पहले, दो जुलाई वर्ष 2013 को पाकुड़ के तत्कालीन एसपी SP अमरजीत बलिहार चुनाव से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए दुमका आए हुए थे. बैठक समाप्त होने के बाद जब वह वापस पाकुड़ लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे नक्सलियों ने काठीकुंड थाना क्षेत्र के सड़क मार्ग पर उनकी गाड़ी और पुलिस टीम पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस भीषण और अचानक हुए नक्सली हमले में तत्कालीन एसपी SP अमरजीत बलिहार सहित कुल छह पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी. आज 13 साल बीत जाने के बाद भी पुलिस महकमा और पूरा समाज उनके इस सर्वोच्च बलिदान के आगे नतमस्तक है.दुमका पुलिस केंद्र में आयोजित इस सभा में जवानों ने शस्त्र झुकाकर अपने वीर कमांडर को अंतिम सलामी दी.


