Ranchi : राजधानी में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आला अधिकारी लगातार कार्रवाई करने का निर्देश दे रहे है. लेकिन लोकल थानेदारों की सुस्त रवैया ने अपराधियों का मनोबल को बढ़ा रखा है. ताजा मामला रातू थाना का है. जहां पर अपराधियों ने एक महिला, एक नाबालिग बच्ची और पुरुष को मारपीट की. मारपीट इस हद तक की गयी कि तीनों लहूलुहान हो गये. रातू थानेदार आदि कांत महतो इतने असंवेदनशील हो गए है कि खून से लथपथ महिला की संवेदना भी नहीं समझ सके. किस मामले में अपराधी को पकड़ना चाहिए या किस मामले में अपराधियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए. शायद रातू पुलिस यह भूल चुकी है.
एफआईआर FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं की गयी
दरअसल, मामला 28 जून का है. जहां पर आपसी बहस में एक पक्ष के लोगों ने एक परिवार के लोगों के साथ मारपीट की. मारपीट कर परिवार को लहूलुहान कर दिया. अपराधियों ने एक महिला, एक नाबालिग बच्ची और एक पुरुष को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया. पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में थाना गया. जिससे अपराधियों की गिरफ्तारी या उसको पकड़कर पुलिस पूछताछ करें. लेकिन रातू थानेदार आदि कांत महतो ने FIR करने के बाद आगे की कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा. रातू पुलिस ने 30 जून को इस मामले में एफआईआर की. इस एफआईआर में गोपाल राय, गोलू राय, आनंद राय समेत कई लोगों का नाम है. रातू पुलिस ने खून से लथपथ परिवार वालों की तरफ से केस दर्ज किया है.लेकिन थानेदार इतने असंवेदनशील हो गए या शायद भूल गए होंगे कि इस मामले में FIR करने के बाद आगे की कार्रवाई करनी चाहिए.

पीड़ित परिवार ने ग्रामीण एसपी से लगाई गुहार
पुलिसिंग की एक खासियत है कि अगर आपको न्याय निचले स्तर के अधिकारी से न मिले तो आप पुलिस के आला अधिकारी से गुहार लगा सकते हैं. इसी उम्मीद से पीड़ित परिवार ने ग्रामीण एसपी से न्याय की माग कर रहे है.
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