Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग में फर्जी हस्ताक्षर से 14 लाख की निकासी, मुखिया की शिकायत पर DDC ने बैठाई जांच, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

Hazaribagh : बरकट्ठा प्रखंड के शिलाड़ीह पंचायत में सरकारी योजनाओं की राशि के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक...

Withdrawal of Rs 14 lakh using fake signature

Hazaribagh : बरकट्ठा प्रखंड के शिलाड़ीह पंचायत में सरकारी योजनाओं की राशि के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. पंचायत के मुखिया निजाम अंसारी द्वारा उप विकास आयुक्त, हजारीबाग को दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. शिकायत में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल से जुड़े सोख्ता गड्डा निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सरकारी राशि की निकासी तथा एक ही कार्य का दो बार भुगतान किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

मुखिया ने दर्ज कराई शिकायत

मुखिया निजाम अंसारी ने पत्रांक-228 के तहत उप विकास आयुक्त को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम झरपो निवासी संतोष साव एवं तुलेश्वर साव ने विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सोख्ता गड्डा निर्माण योजना में अनियमित तरीके से भुगतान प्राप्त किया. शिकायत के अनुसार मुखिया तथा जल सहिया के कथित जाली हस्ताक्षर तैयार कर लगभग 14 लाख रुपये की सरकारी राशि की निकासी कर ली गई. मुखिया का यह भी आरोप है कि संबंधित कार्यों में सरकारी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं.

एक ही कार्य का दो बार भुगतान होने का भी आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सोख्ता गड्डा निर्माण के एक ही कार्य के लिए दो बार भुगतान किया गया. यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा. शिकायतकर्ता ने पूरे भुगतान की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त, हजारीबाग ने ज्ञापांक-684/2026 के तहत जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरकट्ठा को संयुक्त जांच करने का निर्देश दिया है. आदेश में कहा गया है कि मुखिया द्वारा लगाए गए प्रत्येक आरोप की बिंदुवार जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

पूर्व जांच पूरी होने से पहले अन्य कार्य आवंटित करने पर भी सवाल

मुखिया ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि जिन व्यक्तियों एवं कार्यों को लेकर पहले से सवाल उठ चुके थे, उनकी जांच पूरी होने से पहले ही संबंधित लोगों को अन्य प्रखंडों में भी कार्य आवंटित कर दिए गए. इससे पूरे मामले में पारदर्शिता और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. मुखिया निजाम अंसारी ने कहा है कि यदि मामले को दबाने, जांच को प्रभावित करने अथवा दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो वह न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. उन्होंने सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

Also Read : Koderma: परसाबाद रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी सेवा शुरू, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *