21 ट्रकों में 308 पशु बरामद, बंगाल की महिला की भूमिका की जांच; दो दलालों के विवाद से सामने आया पूरा मामला

Hazaribagh: बरही के करियातपुर में 21 ट्रकों से 308 पशुओं की बरामदगी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ एक महिला...

308 Animals Recovered From 21 Trucks, Bengal Woman’s Role Under Investigation, Middlemen’s Dispute Exposes the Entire Operation
308 Animals Recovered From 21 Trucks, Bengal Woman’s Role Under Investigation, Middlemen’s Dispute Exposes the Entire Operation

Hazaribagh: बरही के करियातपुर में 21 ट्रकों से 308 पशुओं की बरामदगी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ एक महिला की कथित भूमिका सामने आई है. पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की एक महिला ने बिहार से बंगाल जा रहे सभी 21 ट्रकों को झारखंड की सीमा पार कराने की जिम्मेदारी ले रखी थी. काफिले के आगे चल रही कार में महिला के सवार होने की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि चोरदाहा बॉर्डर से ट्रकों को पार कराने के लिए वह पहले भी दो बार कागजात दिखा चुकी थी. इस बार भी काफिले को झारखंड की सीमा पार कराने की जिम्मेदारी उसी के पास थी. हालांकि, दो दलालों के बीच विवाद के बाद पूरा काफिला करियातपुर में रुक गया और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को पकड़ लिया.

काफिले के आगे कार में चल रही थी महिला

मिली जानकारी के अनुसार, 21 ट्रकों के इस काफिले के आगे एक कार चल रही थी. इसी कार में उक्त महिला के सवार होने की बात सामने आई है. काफिले के साथ चल रहे एक मजदूर ने पूछताछ में बताया कि महिला पहले भी चोरदाहा बॉर्डर पर कागजात दिखाकर ट्रकों को पार करा चुकी थी. इस बार भी उसे सीमा पार कराने की जिम्मेदारी दी गई थी.

दो दलालों का विवाद बना पूरे मामले के खुलासे की वजह

बताया जा रहा है कि ट्रकों का काफिला बंगाल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रास्ते में दो दलालों के बीच विवाद हो गया. विवाद के कारण सभी ट्रक करियातपुर में रुक गए. इसी दौरान पुलिस को मामले की जानकारी मिली और पुलिस ने एक साथ 21 ट्रकों को पकड़ लिया. इसके बाद जब वाहनों की जांच की गई तो उनमें बड़ी संख्या में पशु लदे मिले.

21 ट्रकों में 308 पशु, क्षमता से अधिक लोडिंग का आरोप

पुलिस की कार्रवाई में कुल 308 पशु बरामद किए गए. इनमें 164 भैंस, 130 भैंस के बच्चे, सात गाय और सात गाय के बच्चे शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, ट्रकों में क्षमता से अधिक संख्या में पशुओं को लादकर ले जाया जा रहा था. सभी वाहनों के आगे और पीछे एनिमल कैरियर के बैनर लगे थे. बताया गया कि सभी ट्रक बिहार के काराकाट पशु मेले से बंगाल जा रहे थे.

एक पशु का 13 हजार रुपये भाड़ा, ट्रक पर करीब 1.04 लाख खर्च

मामले की जांच में पशुओं की ढुलाई से जुड़े आर्थिक पहलू भी सामने आए हैं. मजदूरों के अनुसार, एक पशु को बिहार से बंगाल तक ले जाने के लिए करीब 13 हजार रुपये भाड़ा लिया जाता है. इस हिसाब से एक ट्रक पर करीब 1.04 लाख रुपये तक का खर्च बताया गया है. मजदूरों ने यह भी बताया कि बिहार से दुधारू पशुओं को बंगाल ले जाने का काम पहले भी किया जाता रहा है.

खटाल में रखे पशुओं में एक और बच्चे की मौत

पुलिस द्वारा बरामद पशुओं को नईटांड़ स्थित खटाल में रखा गया है. रविवार को वहां एक और भैंस के बच्चे की मौत हो गई. मजदूरों के अनुसार, अधिकांश पशु दुधारू हैं. पशुओं के दूध को बेचकर उनके चारे की व्यवस्था की जा रही है. रविवार सुबह दूध करीब 40 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा गया, जिसे मजदूरों ने कम कीमत बताया.

कागजात नहीं दिखा सके चालक, 21 पर प्राथमिकी

बरही थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सभी गायों के दुधारू होने की बात सामने आई है. हालांकि, क्षमता से अधिक संख्या में पशुओं को ट्रकों में भरकर ले जाना नियम विरुद्ध है. पुलिस ने वाहन चालकों से पशुओं से संबंधित वैध कागजात मांगे, लेकिन कोई भी चालक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका.

इस मामले में बरही थाना कांड संख्या 294/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 132, 3(5) तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत 21 लोगों को नामजद किया है. पुलिस अब महिला की भूमिका, ट्रकों के संचालन, सीमा पार कराने की व्यवस्था और दोनों दलालों के बीच हुए विवाद के कारणों की जांच कर रही है.

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