Ranchi: जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक मंगलवार को कृष्ण लोक संस्थान में आयोजित हुई. बैठक में सांसद संजय सेठ, सांसद काली चरण मुंडा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, रांची नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो, रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री, नगर प्रशासक सुशांत गौरव समेत प्रशासन के पदाधिकारी मौजूद रहे. ग्रामीण विकास, शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित कुल 34 योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई.
मनरेगा से लेकर जन धन तक एजेंडे में प्रमुख योजनाएं
बैठक के एजेंडे में प्रमुख रूप से मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, अटल पेंशन योजना, जन धन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल रहीं. कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-नाम, पीएम किसान, कृषि अवसंरचना कोष, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसी योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया.
शहरी विकास और जल प्रबंधन पर भी फोकस
इसके अलावा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), स्मार्ट सिटी मिशन और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम की समीक्षा की गई. जल प्रबंधन के तहत जल शक्ति अभियान, सिंचाई योजनाएं और जल संरक्षण कार्यक्रमों की स्थिति पर भी चर्चा हुई.
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स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण योजनाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, पोषण अभियान और जन औषधि परियोजना के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई. वहीं महिला एवं बाल विकास के तहत आंगनबाड़ी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की प्रगति पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई.
कौशल, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा
बैठक में कौशल विकास, रोजगार सृजन और शिक्षा से संबंधित योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, समग्र शिक्षा, ई-श्रम पोर्टल और राष्ट्रीय करियर सेवा को भी एजेंडे में शामिल किया गया. साथ ही परिवहन, रेलवे, टेलीकॉम और भारतनेट जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई.
अधिकारियों को सख्त निर्देश
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके. योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए.
