Ranchi: झारखंड में प्रशासनिक सेवा के अफसर ही नहीं, बल्कि इंजीनियरों के हाथ भी भ्रष्टाचार के रंग में रंगे हुए हैं. विकास कार्यों में सेंध लगाने वाले इंजीनियरों के खिलाफ केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कसा है. ग्रामीण विकास विभाग में फिक्स्ड 3 प्रतिशत कमीशन के सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. पिछले 24 महीनों में न केवल चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी जेल गए, बल्कि हाल ही में मार्च 2026 में ईडी ने 14 और इंजीनियरों को मनी लॉन्ड्रिंग के जाल में लपेटते हुए पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है. राज्य गठन के बाद से अब तक भ्रष्टाचार के मामलों में 100 से अधिक इंजीनियरों पर गाज गिर चुकी है. इनमें से कई को जेल जाना पड़ा, कुछ को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया. कई पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है.

पथ निर्माण विभाग
• अनिल कुमार सिंह (अधीक्षण अभियंता): आयकर विभाग की छापेमारी में इनके पास से 4.06 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति मिली थी. मुख्यमंत्री ने इनके खिलाफ पीई दर्ज करने की अनुमति दी है.
• सुनील कुमार (सचिव स्तर पर आरोप): विभाग में 100 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच के दायरे में कई तकनीकी अधिकारी शामिल हैं.
जल संसाधन विभाग
• 37 इंजीनियरों की सूची: राज्य सरकार ने 37 इंजीनियरों को चिन्हित किया है, जिन पर सिंचाई योजनाओं में वित्तीय अनियमितता का आरोप है. इनमें से 15 रिटायर हो चुके हैं, जिनसे रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है.
• मनोज ठाकुर (सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता): आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट ने इन्हें 5 साल की सजा सुनाई है.
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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
• रंजीत कुमार ठाकुर (कार्यपालक अभियंता, सरायकेला): इन पर आरोप है कि इन्होंने बिना टेंडर के ही स्कूलों में शौचालय बनवा दिए और काम पूरा होने के बाद 2024 में टेंडर निकाला.
• संजय कुमार (कार्यपालक अभियंता): कोडरमा और अन्य जिलों में पाइपलाइन बिछाने और जल जीवन मिशन में लापरवाही व भ्रष्टाचार के आरोप.
बिजली विभाग
• बिजली विभाग में आमतौर पर ट्रांसफार्मर खरीद और संविदा कर्मियों की बहाली में अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहते हैं. जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी के रडार पर हैं.
गंभीर आरोपों वाले 20 प्रमुख इंजीनियर
• वीरेंद्र कुमार राम: पूर्व मुख्य अभियंता, 200 करोड़ से अधिक का टेंडर घोटाला, गिरफ्तारी और सस्पेंशन
• उमेश कुमार: सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता, कमीशन रैकेट में सक्रिय भूमिका, ईडी द्वारा आरोपी
• सिंगरई तुती: सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, 90 करोड़ के कमीशन मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया आरोपी
• राजीव लोचन: सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग घोटाला, मार्च 2026 में चार्जशीटेड
• सुरेंद्र कुमार: सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, टेंडर आवंटन में अवैध वसूली का आरोप
• प्रमोद कुमार: सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, पद का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता
• संतोष कुमार: कार्यपालक अभियंता, कमीशन संग्रह और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता
• अजय कुमार: कार्यपालक अभियंता, ठेकेदारों से फिक्स कमीशन लेने का गंभीर आरोप
• अजय तिर्की: कार्यपालक अभियंता, ईडी की 5वीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नामजद
• राज कुमार टोप्पो: कार्यपालक अभियंता, अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को सफेद करने का आरोप
• अशोक कुमार गुप्ता: कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास की योजनाओं में बंदरबांट का आरोप
• सिद्धांत कुमार: कार्यपालक अभियंता, टेंडर मैनेज करने और भ्रष्टाचार का सिंडिकेट चलाने का आरोप
• अनिल कुमार: सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के घेरे में
• राम पुकार राम: सेवानिवृत्त सहायक अभियंता, कमीशन की रकम को ऊपर तक पहुंचाने का आरोप
• रमेश ओझा: सेवानिवृत्त सहायक अभियंता, टेंडर प्रक्रिया में फर्जीवाड़े और कमीशनखोरी का आरोप
• जितेंद्र कुमार: कार्यपालक अभियंता, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच के घेरे में
• कुलदीप चौधरी: कनीय अभियंता, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने की कार्रवाई
• रामेश्वर कुमार: सहायक अभियंता, विभागीय योजनाओं में तकनीकी धांधली और भ्रष्टाचार
• संजय कुमार: कार्यपालक अभियंता, पेयजल स्वच्छता विभाग में निर्माण लापरवाही
• दिनेश कुमार: कनीय अभियंता, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में रडार पर
