Gumla: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए शुक्रवार को बी.एन. जालान कॉलेज, सिसई में वृहत सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया. जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सतेन्दर महतो के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिले के दो दर्जन से अधिक स्कूल-कॉलेजों के करीब 700 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की सामूहिक शपथ ली.

DTO ने दिया हेलमेट पहनने का संदेश
डीटीओ सतेन्दर महतो ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए एक आकर्षक नारा दिया – “ना करें दिस-दैट, पहने हेलमेट”. उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग कर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने कैडेट्स से आग्रह किया कि वे स्वयं तो नियमों का पालन करें ही, अपने परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें.
दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की दी जानकारी
सड़क सुरक्षा टीम के सदस्यों ने बताया कि सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं और मौतें बाइक सवारों की हो रही हैं. ओवरस्पीडिंग, लापरवाही से ड्राइविंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और ट्रिपल लोडिंग इसके प्रमुख कारण हैं. टीम ने विशेष रूप से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को बेहद खतरनाक बताया और एक छोटी सी चूक को बड़े हादसे का कारण बताया.
‘गुड सैमेरिटन’ और ‘हिट एंड रन’ कानून की जानकारी
कार्यक्रम में ‘गुड सैमेरिटन’ (नेक मददगार) योजना और ‘हिट एंड रन’ के प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी गई. बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले नेक मददगार को सरकार 2,000 रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करती है. वहीं अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु होने पर आश्रितों को 2,00,000 रुपये और गंभीर चोट पर 50,000 रुपये के मुआवजे का प्रावधान है.
दो दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों की भागीदारी
इस विशाल जागरूकता अभियान में बी.एन. जालान कॉलेज सिसई के अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेज गुमला, डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला, के.ओ. कॉलेज, सिमडेगा कॉलेज, ताना भगत कॉलेज, एस.के. बागे कॉलेज घाघरा, उर्सुलाइन गर्ल्स हाई स्कूल, संत जोसेफ हाई स्कूल कोनबीर, लूथेरन हाई स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर गुमला, डीएवी कॉलेज सिमडेगा, संत पीटर स्कूल टोंगो समेत दो दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों के एनसीसी कैडेट्स ने भागीदारी की.
इनकी रही अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में सड़क सुरक्षा प्रबंधक प्रभाष कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी तथा 46 झारखंड बटालियन के कमान अधिकारी और एनसीसी बल के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही.
