रांची/दिल्ली: हजारीबाग जिले के डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री में शामिल होने के आरोपों में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे और रिटायर्ड अधिकारी विनोद चंद्र झा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब 25 मार्च को सुनवाई होगी. अब तक हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. जिसके बाद राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है और अब बचाव पक्ष यानी आरोपियों की ओर से जवाब दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ में विनय चौबे की याचिका पर सुनवाई हो रही है. इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने 6 जनवरी को विनय चौबे को इस मामले में बेल देने से इनकार कर दिया था और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. विनय चौबे ने जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट से बेल मांगी है उस मामले में पिछले वर्ष अगस्त महीने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. ACB ने इस संबंध में कांड संख्या 9/2025 दर्ज की है. इस केस में एसीबी ने विनय चौबे के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी है.


