Hazaribagh: जिले के गांधी मैदान में 21 अगस्त को हुए छात्र आंदोलन और पुतला दहन के प्रयास के मामले में कोर्रा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. सदर अंचल के अंचलाधिकारी आशुतोष के लिखित आवेदन पर 19 नामजद समेत करीब 500 से 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, उपद्रव, पुलिस बल पर हमला और बिना अनुमति प्रदर्शन समेत विभिन्न धाराएं लगाई हैं.

प्राथमिकी के मुताबिक JSSC-CGL, JPSC समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर करीब 1500 से 2000 लोग गांधी मैदान में जुटे थे. प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने का प्रयास किया और समझाने के बावजूद भीड़ नहीं हटी. इसके बाद पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई है. स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
19 नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस
मामले में कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष सिंह और रविंद्र पासवान समेत 19 लोगों को नामजद किया गया है. हालांकि, आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि ये तीनों हजारीबाग में हुई झड़प के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे और उस समय रांची में थे. इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है. इधर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि मुकदमे वापस नहीं हुए तो छात्र जेल भरो आंदोलन शुरू करें. उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है.
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