Newswave Desk: खेती में सिर्फ मेहनत ही नहीं, पैसे की भी जरूरत होती है. बीज-खाद खरीदने से लेकर सिंचाई, कृषि मशीन और फसल को सुरक्षित रखने तक हर काम में खर्च आता है. कई बार पैसों की कमी की वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में केंद्र सरकार की कुछ योजनाएं किसानों के लिए मददगार हो सकती हैं. इन योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक सहायता, सस्ता लोन और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी मिलती है. आइए जानते हैं ऐसी ही 5 योजनाओं के बारे में.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है. हर किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं. किसान इस पैसे का इस्तेमाल बीज, खाद और खेती से जुड़े छोटे खर्चों के लिए कर सकते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) किसानों के लिए खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने का आसान जरिया है. इसकी शुरुआत 1998 में हुई थी. इसके जरिए किसानों को खेती के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. समय पर भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज में राहत भी मिलती है, जिससे कम ब्याज पर खेती के लिए पैसा मिल जाता है.
PM कुसुम योजना
खेती में सिंचाई के लिए डीजल और बिजली का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे में पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM) किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है. इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलकर सब्सिडी दी जाती है. इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती है और बिजली या डीजल पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है.
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड
फसल तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती होती है. कई किसानों के पास गोदाम या कोल्ड स्टोरेज की सुविधा नहीं होती. कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत किसानों और किसान समूहों को कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2 करोड़ रुपये तक के लोन की सुविधा मिल सकती है. इससे गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और दूसरी जरूरी सुविधाएं तैयार करने में मदद मिलती है.
कृषि मशीनीकरण योजना
आज खेती में ट्रैक्टर, रोटावेटर और दूसरे आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है. लेकिन इन मशीनों को खरीदना हर किसान के लिए आसान नहीं होता. कृषि मशीनीकरण योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि उपकरण खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है. सब्सिडी की दर मशीन और लाभार्थी की श्रेणी के हिसाब से अलग हो सकती है. महिला और SC/ST किसानों को भी कई मामलों में अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है.

