रांची: JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 (14वीं JPSC) में उम्र सीमा का विवाद एक बार फिर हाईकोर्ट में पहुंच गया है. पिछले सप्ताह उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर किशोर कुमार एवं अन्य ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने हाईकोर्ट का रूख करने वाले अभ्यर्थियों को ऑफलाइन फार्म भरने की छूट दी थी जिसके बाद अब छात्रों का एक और समूह उम्र सीमा में छूट देने का आग्रह लेकर हाईकोर्ट पहुंचा है. अभ्यर्थियों का तर्क है कि आयोग की अनियमितताओं और परीक्षाओं में देरी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है. JPSC ने विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत अधिकतम उम्र सीमा की गणना के लिए 1 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की है. जबकि अधिकतम उम्र की गणना 1 अगस्त 2018 से की जानी चाहिए क्योंकि राज्य में परीक्षाएं नियमित रूप से नहीं होती हैं जिससे कई योग्य छात्र बिना परीक्षा दिए ही ओवरएज हो गए हैं. JPSC के अभ्यर्थी सुमन चौबे और बसंत कुमार समेत पचास से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अधिवक्ता कुमार हर्ष के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. हालांकि इनकी याचिका फिलहाल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है.


