– वीडियो कॉल पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी, एफडी तुड़वाकर आरटीजीएस से रकम उड़ाई, साइबर थाना में केस दर्ज—जांच तेज
रांची: राजधानी में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. बरियातू इलाके की एक महिला को वीडियो कॉल पर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर इतना डराया गया कि उसने अपनी एफडी तुड़वाकर 8 लाख रुपए ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए. घटना के बाद साइबर क्राइम थाना रांची में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पीड़िता शिलवन्ती बारला के अनुसार, 13 मार्च को एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके आधार का दुरुपयोग कर मुंबई में अश्लील वीडियो से आपत्तिजनक गतिविधियां की जा रही हैं और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. इसके साथ ही उन्हें कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और तत्काल गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई. उन्हें बताया गया कि उनके नाम से 24 रिपोर्ट दर्ज किए गए है. यह भी कहा गया कि 2 करोड़ की मनी लान्ड्रिंग की गई है..उक्त राशि में से 25 लाख आपको मिले है.

पहले डराया, फिर खाली कराया खाता:
ठगों ने सुनियोजित तरीके से महिला को मानसिक दबाव में लिया और उसके बैंक खातों व जमा राशि की पूरी जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद उसे सभी एफडी तुड़वाकर रकम एक खाते में जमा करने को कहा गया. भय और घबराहट में महिला ने 8 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर दिए. यहीं नहीं, ठगों ने ‘जांच प्रक्रिया’ का हवाला देकर आरटीजीएस के जरिए उक्त राशि एक दूसरे बैंक खाते में भेजने का निर्देश दिया. साथ ही सख्त चेतावनी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया गया तो जान से मार दिया जाएगा. दबाव में आकर महिला ने बताए गए खाते में पूरी राशि ट्रांसफर कर दी. रकम ट्रांसफर होने के बाद जब ठगों का संपर्क टूट गया, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ. इसके बाद उसने साइबर क्राइम थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में यह एक संगठित साइबर गिरोह की करतूत मानी जा रही है, जो ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को डराकर ठगी कर रहा है.

