Ranchi : झारखंड में पीने का पानी प्रदूषित होता जा रहा है. पेयजल विभाग के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. इस सर्वे में यह साफ हो गया है कि सूबे के कई जिलों में पानी का स्तर ‘वेरी हाई रिस्क’ जोन में पहुंच चुका है, जो जनस्वास्थय के लिए एक गंभीर चेतावनी है. विभाग ने राज्यभर में पानी की शुद्धता की जांच के लिए 13,444 स्थानों का सर्वे किया. इसमें राज्य के 264 स्थानों पर पानी की स्थिति ‘वेरी हाई रिस्क लेवल’ पर है. यानि लाल निशान को पार कर चुका है.
1793 जगहों का पानी लाल निशान पर
सर्वे के अनुसार, राज्य के 1793 स्थानों पर पानी ‘हाई रिस्क लेवल’ पर है. जबकि 3451 जगहों पर स्वच्छता का स्तर मिडियम रिस्क की श्रेणी में है. 7936 जगहों पर पानी लो रिस्क लेवल पर मिला है, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा सकता है.
दुमका में स्थिति भयावह
दुमका में 60 जगहों पर पानी ‘वेरी हाई रिस्क लेवल’ पर पाया गया है. इसके बाद गढ़वा में 34 स्थानों पर पानी खतरनाक स्तर पर है. चतरा में 23, गोड्डा में 19, और पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में 17-17 जगहों पर पानी की स्वच्छता बेहद चिंताजनक स्थिति में है. पलामू में 16, देवघर, हजारीबाग और पाकुड़ में 14-14 स्थानों पर पानी का रिस्क लेवल बहुत ऊंचा पाया गया है. धनबाद में 10, जबकि गिरिडीह और रामगढ़ में 08-08 जगहों पर लाल निशान की चेतावनी है. साहेबगंज में 06, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में 05-05 जगहों का पानी घातक श्रेणी में है. लातेहार में 03, बोकारो और जामताड़ा में 02-02, और कोडरमा में 01 स्थान ऐसा है जहां का पानी स्वच्छता के मानकों पर सबसे निचले पायदान पर है.
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