रांची: झारखंड में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों के विरुद्ध अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को बड़ी सफलता मिली है. रांची स्थित साइबर क्राइम थाना ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के लिए फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक मुख्य आरोपी को बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 20/26 के रूप में दर्ज किया गया है. गिरोह ने झारखंड के एक व्यक्ति को अपना निशाना बनाया. ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और उसे डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया. गिरफ्तारी और बदनामी के डर से पीड़ित ने ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 10.47 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.
तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि इस ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड फर्जी तरीके से प्राप्त किए गए थे. पुलिस ने जाल बिछाकर सुरज कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया. आरोपी एक Point Of Sale (POS) एजेंट के रूप में काम करता था और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को सप्लाई करता था.
