Gumla : गुमला के बसिया प्रखंड का कोनबीर ग्राम पंचायत आज सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से पंचायत ने पूर्णतः बीमित पंचायत का दर्जा प्राप्त किया है. यह पहल उत्तर भारत में अपनी तरह की एक अनूठी सामाजिक सुरक्षा अभियान के रूप में देखी जा रही है. इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आज, बुधवार को जिला समाहरणालय परिसर में आयोजित समारोह में उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने पंचायत की मुखिया अमृता देवी को प्रमाण पत्र प्रदान किया. उन्होंने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हुए सभी हितधारकों को बधाई दी.
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छात्रों-शिक्षकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
यह पहल “सुनहरी शुभोदय” नामक सामाजिक अभियान के अंतर्गत संचालित की गई, जो “सुरक्षा चक्र” मिशन के तहत प्रारंभ हुई, इस अभियान की विशेषता यह रही कि इसमें शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई. मार्च 2025 से प्रारंभ इस अभियान के तहत कोनबीर ग्राम पंचायत के प्रत्येक घर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया. मोंटफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नोआटोली (कोनबीर) के विद्यार्थियों ने, विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर बेनोय एम के नेतृत्व में, घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया. वहीं क्राइस्ट (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के डॉ. बीजू टॉम्स (निदेशक, स्कूल ऑफ कॉमर्स, फाइनेंस एंड अकाउंटेंसी) और प्रो. जोसी पीटर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की टीम ने इस अभियान को तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया.
बीमा को लेकर जागरूकता फैलाई गई
इसके अतिरिक्त नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे के प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों ने भी बीमा संबंधी जागरूकता फैलाने एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया. पुनीत सी (एडमिन असिस्टेंट) सहित पूरी टीम ने इस पहल को व्यवस्थित रूप देने में सक्रिय भूमिका निभाई. इस अभियान में आशा कार्यकर्ता, जेएसएलपीएस के सदस्य, बैंकिंग प्रतिनिधि (BC), तथा पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ा गया. बसिया अनुमंडल पदाधिकारी जयवंती देवगम एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बसिया सुप्रिया भगत के मार्गदर्शन एवं निगरानी में सर्वेक्षण, जागरूकता एवं नामांकन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से संचालित किया गया. सर्वेक्षण के दौरान यह पाया गया कि अनेक ग्रामीणों के बैंक खाते होने के बावजूद केवाईसी अधूरी थी, जिसके कारण वे योजनाओं से वंचित थे. अभियान के दौरान न केवल प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत सभी पात्र लाभुकों को जोड़ा गया, बल्कि केवाईसी अद्यतन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई. लगातार प्रयासों के फलस्वरूप पंचायत में 95.39 प्रतिशत तक बीमा कवरेज सुनिश्चित किया गया, जिससे कोनबीर ग्राम पंचायत को पूर्णतः बीमित पंचायत घोषित किया गया.
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मॉडल को दूसरे पंचायतों में भी लागू करने पर जोर
कार्यक्रम में एलडीएम, गुमला, बसिया के एसडीओ एवं बीडीओ, पंचायत प्रतिनिधि सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. इस अवसर पर मोंटफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य ब्रदर बेनोय एम को विद्यालय के सभी कर्मचारियों को बीमा योजनाओं से आच्छादित करने हेतु “रक्षित भारत मिशन” के अंतर्गत सम्मानित भी किया गया. यह पहल केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरक कहानी है, जिसमें प्रशासन, शिक्षण संस्थान, बैंकिंग प्रणाली और ग्रामीण समाज ने मिलकर सामाजिक सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप दिया. उप विकास आयुक्त ने इस मॉडल को जिले के अन्य पंचायतों में भी लागू करने पर जोर देते हुए इसे “सुरक्षित और सशक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया है. जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की है कि वे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाकर अपने एवं अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करें.
