रांची: बजट सत्र के दूसरे दिन, दूसरी पाली में राज्यपाल के अभिभाषण के समर्थन में बोलते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि विपक्ष ने अभिभाषण में कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं दिया, जिसका अर्थ है कि उन्होंने इसका समर्थन किया. अभिभाषण में सरकार ने कोई सपना नहीं दिखाया, बल्कि वर्तमान की बात की है. राज्य की आधी आबादी को मजबूत करने का प्रयास किया गया है. भाजपा को अपना चश्मा बदलना होगा। भाजपा ने नफरत का बीज बोया है.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के राज्यपालों ने मंत्रिमंडल से पारित अभिभाषण को नहीं पढ़ा, बल्कि अपना भाषण पढ़ दिया। ऐसे राज्यपालों को बर्खास्त किया जाना चाहिए. असम के CM हिमंता विश्वशर्मा के बयान—“मियां को इतना परेशान करो कि असम छोड़ दे”—का जिक्र करते हुए उन्होंने BJP पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा आज़ादी की लड़ाई को भी झूठ बताती है और “वंदे भारत” का भी सम्मान नहीं कर सकती.
डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर देश के किसानों को गिरवी रखने का काम किया गया. मनरेगा में राम के नाम का ढाल के रूप में उपयोग किया जा रहा है. पेंशन मद में 17,057 करोड़ रुपये के एवज में केंद्र ने केवल 7,086 करोड़ 74 लाख रुपये ही दिए. भाजपा मजदूर और किसान विरोधी है. उन्होंने राज्य सरकार से जेटेट परीक्षा अविलंब लेने की मांग की.
PM बताएं 2014 से अब तक किन-किन देशों की यात्रा की: उमाकांत
विधायक उमाकांत रजक ने सदन में केंद्र सरकार को निशाने पर रखा. उन्होंने कहा कि यदि अलग राज्य के लिए आंदोलन नहीं होता तो क्या अटल बिहारी वाजपेई झारखंड देते? आंदोलनकारी को मुख्यमंत्री न बनाकर अपने दल के नेता बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री बनाया गया. भाजपा आपसी विवाद फैलाने का काम करती है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Hemant Soren ने विदेश यात्राओं के दौरान 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से अब तक कितने देशों की यात्रा की. उन्हें यह बताना चाहिए और देश के विकास के लिए क्या लेकर आए, यह भी स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम लोकसभा में बयान देने से बच रहे हैं और किसानों पर बोझ डाला गया है.
56 इंच का सीना हेमंत सोरेन के पास
उमाकांत रजक ने कहा कि 56 इंच का सीना हेमंत सोरेन के पास है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की धार्मिक परंपराओं को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि देश में धर्म के साथ कुठाराघात हो रहा है. जहां भाजपा का शासन नहीं है, वहां सत्ता पाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.
सीपी सिंह करें आत्ममंथन
उमाकांत रजक ने C. P. Singh पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे विकास चाहते हैं तो भाजपा छोड़ झामुमो का झंडा थाम लें. उन्होंने कहा कि सीपी सिंह स्वयं आकलन करें कि वे नेता प्रतिपक्ष नहीं बन सके, उन्हें बाईपास कर दिया गया, जिससे वे नाराज हैं और सदन में भी कम आ रहे हैं.
