बुंडू में सिविल कोर्ट निर्माण मामला : HC ने कहा- देरी लालफीताशाही का नतीजा, पूरे अमले को किया तलब

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने बुंडू में सिविल कोर्ट निर्माण में हो रही देरी पर सख्त रवैया...

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने बुंडू में सिविल कोर्ट निर्माण में हो रही देरी पर सख्त रवैया अपनाते हुए इसे लालफीताशाही करार दिया. वहीं पूरे अमले को जुडिशल प्रोसिडिंग के लिए 9 अप्रैल 2:30 बजे कॉन्फ्रेंस रूम में उपस्थित होने को कहा है. दरअसल झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ बुंडू में सिविल कोर्ट के निर्माण को लेकर रामचरण महतो की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है. अदालत के समक्ष आज प्रार्थी के अधिवक्ता रिंकू भगत ने अदालत को यह जानकारी दी कि अदालत के आदेशों के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है. मामले में अभी तक जमीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं की गई है जबकि यह मामला 2024 के पूर्व भी जनहित याचिका के रूप में खंडपीठ के समक्ष सुना जा चुका है. अदालत में इसे लेकर कई दिशा निर्देश भी जारी किए थे. इसके बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा.

ये भी पढ़ें : पांच बच्चों का पिता तीन बच्चों की मां को लेकर फरार, कोर्ट परिसर में चप्पलों से पिटाई

अधिवक्ता आशुतोष आनंद ने राज्य सरकार का रखा पक्ष

वही आज मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता आशुतोष आनंद ने अदालत को यह जानकारी दी कि निर्माण के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई. वहीं रजिस्टार जनरल ने न्यायायुक्त से निर्माण संबंधी नवीकरण के सुझाव का पत्र लिखा था, लेकिन उन्हें अब तक जवाब नहीं मिला है. इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की. वहीं राज्य सरकार के अधिवक्ता के सुझाव के बाद जुडिशल प्रोसिडिंग में पूरे अमले को उपस्थित होने को कहा.

ये भी पढ़ें : चार साल से अटकी कलाकार पेंशन योजना, सरकार के खिलाफ मुखर हुए लोक कलाकार

9 अप्रैल को जुडिशल प्रोसिडिंग में शामिल रहेगा पूरा अमला

मुख्य न्यायाधीश के खंडपीठ के दिशा निर्देश के अनुरूप 9 अप्रैल दोपहर 2:30 बजे कॉन्फ्रेंसिंग रूम में पूरे अमले को जुडिशल प्रोसिडिंग में उपस्थित रहने को कहा है. इसमें मुख्य सचिव, विधि सचिव, भवन निर्माण सचिव, न्यायायुक्त रांची, रजिस्ट्रार जनरल, उपायुक्त रांची शामिल हैं.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *