Bermo : डीवीसी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए क्वार्टर रिटेंशन के लाइसेंस शुल्क में की गई अप्रत्याशित वृद्धि ने पेंशनभोगियों के बीच काफी हलचल पैदा कर दी है. डीवीसी पेंशनर्स फेडरेशन ने इस वृद्धि को दंडात्मक बताते हुए डीवीसी के चेयरमैन को एक पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. फेडरेशन के पत्र के अनुसार, डीवीसी ने हाल ही में एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर आवास शुल्क को सामान्य शुल्क से 60 गुना तक बढ़ा दिया है. इससे पहले यह दर 40 गुना थी. इस नए फैसले के बाद, सबसे छोटे प्रकार के क्वार्टर का न्यूनतम किराया 14,800 रुपये से बढ़कर सीधे 22,200 रुपये प्रति माह हो गया है. पेंशनर्स फेडरेशन के महासचिव ने पत्र में उल्लेख किया है कि यह वृद्धि सेवानिवृत्त ग्रुप-सी कर्मचारियों और उनके जीवनसाथी के लिए एक बड़े वित्तीय बोझ की तरह है. कई मामलों में तो किराया पेंशन की राशि से भी अधिक हो जाएगा, जिससे पेंशनरों को मिलने वाली शुद्ध राशि नकारात्मक हो सकती है.
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पेंशनर ने कहा- भारी जुर्माना लगाया जा रहा
फेडरेशन ने पत्र में आरोप लगाया गया है कि जहां एक ओर सेवानिवृत्त कर्मियों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बाहरी लोग बिना किसी किराए के वर्षों से डीवीसी के क्वार्टरों पर कब्जा जमाए बैठे हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. पिछली बार जब शुल्क 20 गुणा से बढ़ाकर 40 गुणा किया गया था, तब कर्मचारियों को क्वार्टर खाली करने के लिए दो महीने का समय दिया गया था. लेकिन इस बार बिना किसी ’ब्रीदिंग पीरियड’ के तत्काल प्रभाव 1 अप्रैल से इसे लागू कर दिया गया है. फेडरेशन ने चेयरमैन से आग्रह किया है कि इस वृद्धि को फिलहाल टाल दिया जाए और अगले 6 महीनों तक पुराना किराया ही वसूला जाए, ताकि पेंशनभोगी अपने लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कर सकें. पेंशनभोगियों ने इस फैसले को अतार्किक और अमानवीय बताते हुए प्रबंधन से इस पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करने की अपील की है. डीवीसी मुख्यालय प्रबंधन के नये आदेश के बाद वैसे पेंशनरों ने जो डीवीसी के आवास में रह रहे थे, आवास खाली कर जमा करने की कार्रवाई में लग गये हैं.
