रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के तीसरे दिन दाखिल-खारिज का मुद्दा उठा. नीरा यादव ने कहा कि दाखिल-खारिज में काफी दिक्कत आ रही है. 2022 से दाखिल-खारिज के लिए सो-मोटो सिस्टम कार्यरत है. सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि सेवा देने के लिए सरकार कटिबद्ध है. इस पर सीपी सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री बनने से पहले आप विधायक रहे हैं. हमलोग का आधा दिन सीओ कार्यालय और थाना में ही गुजर जाता है. सरकार को देखना चाहिए कि कहां पर क्या हो रहा है. एक ही प्लॉट में सभी का म्यूटेशन हो जाता है. आप जाइएगा तो डिमांड हो जाएगा. मनोज यादव ने कहा कि अंचल अधिकारी के कार्यालय में बिना लेन-देन के काम नहीं होता है. सीपी सिंह ने कहा कि किसी भी कार्यालय में घूस नहीं देना पड़े, यह सुनिश्चित करें. मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि किसी भी सीओ द्वारा सेवा अधिकार देने में उल्लंघन किया गया तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

म्यूटेशन और सो-मोटो सिस्टम पर सवाल
विधायक नीरा यादव ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जमीन निबंधन के बाद दाखिल-खारिज कराने और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र लेने में जनता को भारी किल्लत हो रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से लागू सो-मोटो दाखिल-खारिज सिस्टम जमीन पर प्रभावी नहीं दिख रहा है. बच्चों को प्रमाण पत्र देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाने चाहिए.
कलेजे पर हाथ रखकर बोलें मंत्री
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सीपी सिंह ने बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए मंत्री दीपक बिरुआ से सीधा सवाल किया. उन्होंने कहा, मंत्री बनने से पहले आप भी विधायक थे. जरा कलेजे पर हाथ रखकर बताइए, क्या आप नहीं जानते कि क्या हो रहा है? हम विधायकों का आधा दिन सीओ ऑफिस की शिकायतों को सुलझाने में ही गुजर जाता है. सीपी सिंह ने आगे कहा कि कानून बनाने मात्र से अपराध और भ्रष्टाचार नहीं रुकता. एक ही प्लॉट पर बार-बार म्यूटेशन होना निर्लज्जता की हद है. मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि बच्चों के जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग की ओर से एक बार फिर से कड़ा आदेश जारी किया जाएगा.

