Click Here
Click Here

हजारीबाग: शिक्षकों की पोस्टिंग पर उठे सवाल, पारदर्शिता पर गहराया विवाद

Hazaribagh: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय हजारीबाग में अंतर-जिला स्थानांतरण से आए 55 प्रारंभिक स्तर (कक्षा 1 से 8 तक) के...

Hazaribagh: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय हजारीबाग में अंतर-जिला स्थानांतरण से आए 55 प्रारंभिक स्तर (कक्षा 1 से 8 तक) के शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पोस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अधिकांश शिक्षकों को सुदूर ग्रामीण स्कूलों के बजाय शहरी और नजदीकी क्षेत्रों में तैनात किया गया है.

ग्रामीण स्कूलों की अनदेखी

जानकारी के अनुसार, जिले के 16 प्रखंडों के 217 ऐसे स्कूल हैं, जहां लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं. नियमों के मुताबिक इन खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरना था. लेकिन आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया. अधिकांश शिक्षकों को सदर प्रखंड और उससे सटे कटकमदाग प्रखंड के शहरी या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पोस्टिंग दे दी गई. इससे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

महिला शिक्षिकाओं की पोस्टिंग पर भी उठे सवाल

इस सूची में लगभग 24 महिला शिक्षिकाएं शामिल हैं. इनमें से कुछ की पोस्टिंग को लेकर विशेष सवाल उठाए जा रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, शहर के मध्य विद्यालय बिहारी बालिका में पांच महीने पहले ही चार शिक्षिकाओं की नियुक्ति हो चुकी थी. इसके बावजूद 24 मार्च को दो और शिक्षिकाओं की पोस्टिंग कर दी गई. स्थानीय लोग और शिक्षा से जुड़े जानकार पूछ रहे हैं कि आखिर इन पोस्टिंग का मापदंड क्या था और किस आधार पर निर्णय लिया गया.

Also Read: न्यूज वेव खासः झारखंड के संकटमोचक और विजनरी आइएएस, जिन्होंने फाइलों से ज्यादा जमीन पर बदले हालात

कम छात्रों वाले स्कूलों में ज्यादा शिक्षक

कटकमदाग प्रखंड के कई स्कूलों की स्थिति इस विवाद को और गहरा करती है. प्राथमिक विद्यालय केंदुआ में छात्रों की संख्या एक दर्जन से भी कम बताई जा रही है, लेकिन वहां तीन शिक्षक पहले से कार्यरत हैं. इसी तरह लूटा प्राथमिक विद्यालय में लगभग 15 छात्र हैं और वहां भी तीन शिक्षक तैनात हैं. वहीं मसरातू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पहले से पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद एक और शिक्षिका की पोस्टिंग कर दी गई है. इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पोस्टिंग में पैसों के लेन-देन का आरोप

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पोस्टिंग प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पैसों का खेल हुआ है. आरोप है कि जिस शिक्षक या शिक्षिका ने जितनी अधिक राशि दी, उसे उतना ही सुविधाजनक और शहरी क्षेत्र के करीब स्कूल मिला. यह भी कहा जा रहा है कि 55 शिक्षकों की इस पोस्टिंग में लाखों रुपये से अधिक की बंदरबांट हुई है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चा ने शिक्षा विभाग की साख पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

जानकारों का कहना है कि बीते एक वर्ष में कटकमदाग प्रखंड के 34 स्कूलों में 100 से अधिक शिक्षकों की पोस्टिंग पहुंच और प्रभाव के आधार पर की गई है. आरोप यह भी है कि कुछ बीआरपी, सीआरपी और एक सरकारी शिक्षक की तिकड़ी इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में मदद कर रही है. इस कथित नेटवर्क के कारण शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी भी दबाव में रहते हैं और नियमों का पालन नहीं हो पाता.

निरीक्षण में लापरवाही का आरोप

यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण नहीं करते. अधिकतर निर्णय कार्यालय में बैठकर ही लिए जाते हैं, जिससे जमीनी हकीकत की अनदेखी होती है. यदि निष्पक्ष जांच हो, तो कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका सामने आ सकती है.

डीएसई ने आरोपों को किया खारिज

पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) आकाश कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि 24 मार्च को हुई जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक के प्रस्ताव के अनुसार ही सभी 55 शिक्षकों की पोस्टिंग की गई है. उनके अनुसार प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के तहत हुई है और आरोप बेबुनियाद हैं.

जांच की मांग तेज

विवाद बढ़ने के बाद अब इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है. स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि जांच हुई, तो पोस्टिंग प्रक्रिया की सच्चाई सामने आ जाएगी. वहीं, यह मामला प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *