सुप्रियो भट्टाचार्य ने खोला चुनाव आयोग के खिलाफ ब्लैक बॉक्स मोर्चा!

रांची: झारखंड की राजनीति में पॉलिटिकल पिच पर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज एक...

Supriyo Bhattacharya
सुप्रियो भट्टाचार्य

रांची: झारखंड की राजनीति में पॉलिटिकल पिच पर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज एक नया सियासी बम फोड़ा है. इस बार उनके निशाने पर कोई विपक्षी नेता नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोकतंत्र के पहरेदार कहे जाने वाले भारत निर्वाचन आयोग है. हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भट्टाचार्य ने आयोग की कार्यप्रणाली को डिजिटल डिक्टेटरशिप का नया रूप करार दिया.

बंगाल का जोका ट्रिब्यूनल और नागरिकता का वनवास

सुप्रियो भट्टाचार्य ने बंगाल के आंकड़ों को ढाल बनाकर चुनाव आयोग के नो वोटर्स लेफ्ट बिहाइंड के नारे की धज्जियां उड़ाईं. उन्होंने आरोप लगाया कि लॉजिकल डिस्पेंसरी जैसे तकनीकी शब्दों की आड़ में बंगाल के करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं. यह सिर्फ नाम हटाना नहीं, बल्कि किसी जीवित नागरिक की लोकतांत्रिक हत्या है. अब एक आम आदमी दक्षिण 24 परगना के जोका स्थित ट्रिब्यूनल के चक्कर काट रहा है ताकि वह साबित कर सके कि वह इस देश का हिस्सा है.

सोशल मीडिया या राजनीतिक हैंडल

झामुमो प्रवक्ता ने चुनाव आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल की भाषा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आयोग की शब्दावली अब किसी संवैधानिक संस्था जैसी न होकर एक राजनीतिक दल के आईटी सेल जैसी झलकती है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि आयोग भाजपा के सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है, जहां विपक्ष की आवाज को अनसब्सक्राइब करने की कोशिश हो रही है.

असम में हेमंत फैक्टर, नए सियासी समीकरण की आहट

बंगाल के मुद्दे से होते हुए भट्टाचार्य ने असम के चुनावी रण की ओर भी इशारा किया. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कम समय में असम के भीतर जल-जंगल-जमीन की जो चेतना जगाई है, उसने वहां के समीकरण बदल दिए हैं. झामुमो अब असम की कई सीटों पर सिर्फ वोट कटवा नहीं, बल्कि किंगमेकर की भूमिका में उभर रही है.

यह भी पढ़ें: कुचाई के रोलाहातु पंचायत में जनता दरबार आयोजित, ग्रामीणों ने रखी विकास संबंधी समस्याएं

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *