रांची : रांची में चल रहे बजट सत्र के दौरान हेमलाल मुर्मू ने साइबर अपराध, अफीम की खेती और जेल से कैदियों के फरार होने जैसे गंभीर मुद्दों को सदन में जोरदार ढंग से उठाया. उन्होंने आंकड़ों के आधार पर सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्ष 2024 में साइबर अपराध के 1458 मामले दर्ज हुए और 919 गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन एक भी दोष सिद्ध नहीं हो सका जबकि तीन आरोपी दोषमुक्त हो गए. वर्ष 2025 में 1413 मामले दर्ज हुए, 1268 गिरफ्तारियां हुईं, 36 दोषी पाए गए और 387 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों के बावजूद दोष सिद्धि दर कम क्यों है और जांच प्रक्रिया में कहां कमी रह जा रही है.

सरकार का जवाब और कार्रवाई का दावा
इस पर मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि साइबर अपराध और नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सरकार लगातार अभियान चला रही है. राज्य में साइबर थाना खोला गया है और विभिन्न स्रोतों से सूचना जुटाकर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि 27015 एकड़ में अफीम की खेती नष्ट की गई है और जेल से फरार हुए चारों कैदियों को पुनः गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. मंत्री ने दावा किया कि 95 प्रतिशत साइबर अपराधी पकड़े गए हैं और न्यायिक प्रक्रिया में दोषमुक्त होने पर विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
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स्थापना समिति और नियुक्ति का मुद्दा भी गरमाया
सत्र के दौरान जयराम महतो ने स्थापना समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग उठाई और अन्य राज्यों का हवाला दिया, जिस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है लेकिन अध्ययन किया जाएगा. वहीं राजेश कच्छप ने बैकलॉग में रिक्त पदों को भरने और तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने की मांग की तथा 2016 के 9000 टेट पास अभ्यर्थियों में से 2500 को नियुक्ति नहीं मिलने का मुद्दा उठाया. मंत्री ने रिपोर्ट मंगाकर समीक्षा करने का आश्वासन दिया, जबकि मंजू देवी ने जमुआ के चुंगलो पंचायत में ओपी खोलने की मांग रखी जिस पर सरकार ने आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की बात कही.

